एटीएस अफसरों का कहना है कि सौरभ पर पाकिस्तानी हैंडलर की मदद कर टेरर फंडिंग मामले में शामिल होने का आरोप है। इसने अपने एक साथी का अकाउंट खुलवा कर फर्जीवाड़ा कर उसका एटीएम कार्ड हथिया लिया था। फिर इस खाते में पाकिस्तान से भेजी गई गई रकम को हैंडलर की ओर से बताए खातों में ट्रांसफर किया था। वह और उसके नेटवर्क के सदस्य फोन और इंटरनेट के जरिए पाकिस्तान में बैठे लश्कर के हैंडलर के संपर्क में थे।
एडीजी एटीएस असीम अरुण ने बताया कि, टेरर फंडिंग में वांछित चल रहे सौरभ शुक्ला को कंपनी गार्डन गेट नंबर एक के पास से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पता चला कि वह यहां किसी साथी से मिलने आया था। हालांकि, प्रयागराज के किसी व्यक्ति की फिलहाल इस मामले में कोई संलिप्तिता नहीं सामने आई है।
पहले गैराज चलाता था आरोपी
एटीएस अफसरों ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि आरोपी का पूरा नाम सौरभ शुक्ला उर्फ शीबू है। उसके पिता का नाम रविशंकर शुक्ला है। वह मध्य प्रदेश के सीधी जिला स्थित रामपुर थाना क्षेत्र के अजहर गांव का रहने वाला है। यह भी पता चला है कि वह पहले गैराज चलाता था लेकिन, बाद में उसने गैराज बंद कर दिया।
नगद भी पहुंचाया जाता था
एटीएस अफसरों ने बताया कि विदेशों से खाते में रकम आने के बाद न सिर्फ इसे ऑनलाइन हैंडलर के बताए खातों में ट्रांसफर किया जाता था। बल्कि उसके निर्देश पर रकम खाते से निकालकर उसके लोगों तक नगद भी पहुंचाया जाता था। इस मामले में यूपी एटीएस ने 24 मार्च 2018 को कार्रवाई करते हुए 11 लोगों को गिरफ्तार कर यूपी, एमपी और महाराष्ट्र से हो रही टेरर फंडिंग का पर्दाफाश किया था। यह नेटवर्क लश्कर-ए तैयबा के लिए टेरर फाइनेंसिंग का काम कर रहा था।