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प्रयागराज में पकड़ा गया टेरर फंडिंग मामले का वांछित, पूछताछ में उगले कई राज, पहले चलाता था गैराज

Mon, 29 Jul 2019 06:55 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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सांकेतिक तस्वीर
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टेरर फंडिंग मामले में एक दिन पहले शहर से पकड़ा गया वांछित आरोपी सौरभ शुक्ला शहर में अपने किसी साथी से मिलने आया था। हालांकि महीनों से उसकी तलाश में जुटी एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) को इसकी भनक लग गई जिसके बाद उसे कंपनी गार्डन के सामने से दबोच लिया गया। उसके साथी के बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं मिल सकी है लेकिन, एटीएस अफसरों का कहना है कि टेरर फंडिंग मामले में फिलहाल प्रयागराज के किसी व्यक्ति की संलिप्तिता सामने नहीं आई है। 

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आरोपी सौरभ निवासी मध्य प्रदेश को एटीएस बीते 16 महीनों से तलाश रही थी, जिस पर 25 हजार का इनाम भी घोषित था। गौरतलब है कि पिछले साल 2018 में 24 मार्च को यूपी एटीएस ने यूपी, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में छापे मार कर टेरर फंडिंग के जरिये पाकिस्तानी हैंडलर की मदद कर रहे 11 लोगों को गिरफ्तार किया था। जबकि उनका साथी सौरभ तब से फरार चल रहा था। एटीएस उसकी तलाश में जुटी थी तभी शनिवार को पता चला कि वह प्रयागराज आने वाला है।

इसके बाद डिप्टी एसपी मनीष कुमार सोनकर के नेतृत्व में एसआई मो. तारिक, शैलेंद्र गिरि व अन्य के साथ एटीएस टीम शहर पहुंच गई। टीम सुरागरकशी में जुटी थी कि तभी पता चला कि आरोपी सौरभ कर्नलगंज क्षेत्र की ओर पहुंचने वाला है, जिस पर वहां घेराबंदी की गई। शाम 5.30 बजे के करीब जैसे ही वह कंपनी गार्डन गेट नंबर एक के पास पहुंचा, उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से एक बिना नंबर की पल्सर बाइक बरामद भी हुई। शाम छह बजे के करीब एटीएस टीम आरोपी को लेकर कर्नलगंज थाने पहुंची और बाइक वहां दाखिल कर दी। लिखापढ़ी में करीब एक घंटे का वक्त लगा, जिसके बाद शाम सात बजे के करीब एटीएस टीम उसे लेकर लखनऊ के लिए रवाना हो गई। 
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लखनऊ पहुंचकर एटीएस अफसरों ने आरोपी से गहनता से पूछताछ की। इस दौरान उसने बताया कि वह कर्नलगंज में किसी साथी से मिलने पहुंचा था। एटीएस अफसरों का कहना है कि उसके साथी का नाम नहीं पता चल सका। चूंकि टेरर फंडिंग मामले में फिलहाल प्रयागराज के किसी व्यक्ति की संलिप्तिता नहीं पाई गई, ऐसे में सौरभ से उसके साथी के बारे में बहुत पूछताछ नहीं की गई। यह पूछने पर कि क्या सौरभ मप्र से बाइक से यहां पहुंचा, एटीएस अफसरों का कहना है कि पूछताछ में फिलहाल उसने यही बताया है कि वह बाइक लेकर यहां आया। अब उसके बयान में कितनी सच्चाई है, यह जांच का विषय है। यह भी हो सकता है कि ट्रेन या बस से आने के बाद उसने किसी परिचित की बाइक ली हो। 

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एटीएम लेकर रुपये कराए थे ट्रांसफर

एटीएस अफसरों का कहना है कि सौरभ पर पाकिस्तानी हैंडलर की मदद कर टेरर फंडिंग मामले में शामिल होने का आरोप है। इसने अपने एक साथी का अकाउंट खुलवा कर फर्जीवाड़ा कर उसका एटीएम कार्ड हथिया लिया था। फिर इस खाते में पाकिस्तान से भेजी गई गई रकम को हैंडलर की ओर से बताए खातों में ट्रांसफर किया था। वह और उसके नेटवर्क के सदस्य फोन और इंटरनेट के जरिए पाकिस्तान में बैठे लश्कर के हैंडलर के संपर्क में थे। 

एडीजी एटीएस असीम अरुण ने बताया कि, टेरर फंडिंग में वांछित चल रहे सौरभ शुक्ला को कंपनी गार्डन गेट नंबर एक के पास से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पता चला कि वह यहां किसी साथी से मिलने आया था। हालांकि, प्रयागराज के किसी व्यक्ति की फिलहाल इस मामले में कोई संलिप्तिता नहीं सामने आई है। 

पहले गैराज चलाता था आरोपी
एटीएस अफसरों ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि आरोपी का पूरा नाम सौरभ शुक्ला उर्फ शीबू है। उसके पिता का नाम रविशंकर शुक्ला है। वह मध्य प्रदेश के सीधी जिला स्थित रामपुर थाना क्षेत्र के अजहर गांव का रहने वाला है। यह भी पता चला है कि वह पहले गैराज चलाता था लेकिन, बाद में उसने गैराज बंद कर दिया। 

नगद भी पहुंचाया जाता था
एटीएस अफसरों ने बताया कि विदेशों से खाते में रकम आने के बाद न सिर्फ इसे ऑनलाइन हैंडलर के बताए खातों में ट्रांसफर किया जाता था। बल्कि उसके निर्देश पर रकम खाते से निकालकर उसके लोगों तक नगद भी पहुंचाया जाता था। इस मामले में यूपी एटीएस ने 24 मार्च 2018 को कार्रवाई करते हुए 11 लोगों को गिरफ्तार कर यूपी, एमपी और महाराष्ट्र से हो रही टेरर फंडिंग का पर्दाफाश किया था। यह नेटवर्क लश्कर-ए तैयबा के लिए टेरर फाइनेंसिंग का काम कर रहा था।
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