वर्तमान में हर्षवर्धन बाजपेयी कर रहे हैं प्रतिनिधित्व
रही बात उत्तरी विधानसभा सीट की तो मौजूदा समय इस सीट से हर्षवर्धन बाजपेयी विधायक हैं। जो बाह्मण है। उत्तरी विधानसभा में बीते कुछ चुनाव से ठाकुर और ब्राह्मण प्रत्याशी ही चुनाव जीतते रहे हैं। दक्षिण और पश्चिम विधानसभा में वैश्य और कायस्थ उम्मीदवार तकरीबन तय होने की वजह से उत्तरी विधानसभा में ब्राह्मण और ठाकुर उम्मीदवारों पर ही भाजपा पदाधिकारी मंथन कर रहे हैं। इस बार इसी सीट से कई विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी के साथ कई अन्य नाम भी सामने आए हैं।
ब्राह्मणों की बात करें तो यहां डा. एलएस ओझा, कविता यादव त्रिपाठी, शैलेश पांडेय, विजय द्विवेदी, राधाकांत ओझा, मृत्युंजय तिवारी आदि के नाम प्रमुख रूप से लिए जा रहे हैं। इसी तरह ठाकुर बिरादरी से सुबोध सिंह, विक्रमजीत भदौरिया ने अपनी दावेदारी पेश की है। हालांकि इस सीट से वैश्य बिरादरी से भी पार्टी के कुछ नेताओं की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। इसमें प्रदेश महिला मोर्चा महामंत्री डा. कीर्तिका अग्रवाल, काशी प्रांत उपाध्यक्ष अवधेश चंद्र गुप्ता, पूर्व महानगर अध्यक्ष शशि वार्ष्णेय आदि के नाम शामिल है।
1980 से ठाकुर और ब्राह्मण उम्मीदवार ही रहे हैं विजयी
प्रयागराज उत्तरी विधानसभा में बीते 41 वर्ष से ठाकुर और ब्राह्मण बिरादरी के ही विधायक काबिज रहे हैं। इस सीट से चार-चार बार अनुग्रह नारायण (वर्ष1985, 1989, 2007, 2012), डॉ. नरेंद्र कुमार सिंह गौर (वर्ष 1991, 1993, 1996, 2002), एक-एक बार हर्षवर्धन बाजपेयी (वर्ष 2017 से अब तक) और उनके पिता अशोक बाजपेयी (वर्ष 1980) विधायक के रूप में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
डिप्टी सीएम के भी चुनाव लड़ने की चर्चा
उत्तरी विधानसभा सीट से इस बार डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के भी चुनाव लड़ने के कयास लगाए जा रहे हैं। बीते कुछ माह के दौरान यहां आयोजित तमाम कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी से इस बात के संकेत भी मिले हैं। अगर डिप्टी सीएम इस सीट से चुनाव लड़ते हैं तो ब्राह्मण, ठाकुर, वैश्य आदि बिरादरी के भाजपा नेताओं का पत्ता अपने आप ही कट जाएगा। प्रदेश कार्य समिति सदस्य सुबोध सिंह कहते हैं कि शहर उत्तरी से डिप्टी सीएम को ही चुनाव लड़ना चाहिए। वे अगर चुनाव लड़ते हैं तो एक लाख से ज्यादा मत से उनकी जीत सुनिश्चित है।