आस्था, धर्म, साहित्य और राजनीति की नगरी प्रयागराज की अपनी अलग पहचान है। यहां हर साल माघ मेला लगता है तो हर छह साल में अर्द्धकुंभ और 12 साल में कुंभ होता है। इसमें देश-दुनिया से करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु शिरकत करते हैं। आजादी की लड़ाई हो या आजादी के बाद देश निर्माण की बात, हर क्षेत्र में प्रयागराज की भूमिका सबसे अहम रही है। यह एक ऐसा जिला है, जिसने देश को एक या दो नहीं, बल्कि छह प्रधानमंत्री दिए हैं।
देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू यहीं से चुनकर पहली बार संसद में पहुंचे थे। लालबहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, वीपी सिंह प्रयागराज के ही रहने वाले थे। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर और गुलजारी लाल नंदा ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से ही शिक्षा हासिल की थी। पूर्व राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा, जाने माने कवि हरिवंश राय बच्चन, अभिनेता अमिताभ बच्चन जैसी कई बड़ी हस्तियों की जन्म और कर्मभूमि प्रयागराज ही रही है।
सबसे ज्यादा 12 विधानसभा क्षेत्रों वाला जिला
मौजूदा समय उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य प्रयागराज से ही आते हैं। प्रयागराज में 12 विधानसभा क्षेत्र हैं। 2017 विधानसभा चुनाव में इनमें से आठ सीटों पर भारतीय जनता पार्टी, दो पर बहुजन समाज पार्टी, एक पर अपना दल (सोनेलाल) और एक पर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी की जीत हुई थी।
सियासी माहौल गर्म होने लगा
अब एक बार फिर से प्रयागराज का सियासी माहौल गर्म होने लगा है। अगले साल चुनाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं कि योगी सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में यहां कितना विकास हुआ? क्या आम लोग सरकार के कामकाज से खुश हैं? युवा महिलाएं और आम जनता मौजूदा सरकार के बारे में क्या सोचती है? राजनीतिक दलों के नेताओं का क्या मानना है? वह किन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएंगे? इन सभी सवालों का जवाब जानने के लिए 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' गुरुवार को प्रयागराज में होगा।
आप भी 'अमर उजाला' के इस मंच से जुड़ सकते हैं। इसके जरिए आप अपने क्षेत्र, शहर, राज्य और देश के हर मुद्दों को उठा पाएंगे। आप बता पाएंगे कि आने वाले चुनाव में नेताओं और राजनीतिक दलों से आपको क्या उम्मीदें हैं? किन मसलों को लेकर आप मतदान करेंगे और नेताओं से आप क्या चाहते हैं?
कब और कहां होंगे कार्यक्रम
1. सुबह 9 बजे
चाय पर चर्चा
स्थान : चंद्रशेखर आजाद पार्क के पास
2. सुबह 11 बजे
युवाओं से बातचीत
स्थान- इलाहाबाद विश्वविद्यालय कैंपस
3. दोपहर 1 बजे
महिलाओं से चर्चा
स्थान : लेडीज क्लब, कंपनी बाग
4. शाम 4 बजे
राजनीतिक दलों से चर्चा
स्थान : एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, निकट पावर हाउस चौराहा
अब तक 31 जिलों में हो चुका है कार्यक्रम
अब तक पश्चिमी यूपी, ब्रज, अवध और पूर्वांचल के 31 जिलों में ‘सत्ता का संग्राम’ आयोजित हो चुका है। 11 नवंबर को गाजियाबाद से चला रथ मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा, बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, इटावा, मैनपुरी, एटा, फिरोजाबाद, आगरा, मथुरा, हाथरस, अलीगढ़ होते हुए एक दिसंबर को बुलंदशहर पहुंचा था। इसके बाद हमारा चुनावी रथ अवध और फिर पूर्वांचल में दाखिल हुआ। यह रथ लखनऊ, अयोध्या, गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़, गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर, वाराणसी से होते हुए प्रयागराज पहुंचेगा।
‘सत्ता का संग्राम’ में क्या होगा खास?
चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ के तहत अमर उजाला हर वर्ग के मतदाताओं तक पहुंचेगा। चाय पर चर्चा के साथ-साथ महिलाओं और युवाओं से संवाद होगा। राजनीतिक हस्तियों से सीधे सवाल पूछे जाएंगे। अमर उजाला आपको एक मंच दे रहा है, जहां आप बातों को रख सकेंगे, ताकि जब राजनीतिक हस्तियां चुनावी रैलियां करने आएं तो उन्हें आपसे जुड़े जमीनी मुद्दे भी याद रहें।
विशेष प्रोत्साहन की व्यवस्था
‘सत्ता का संग्राम’ से जुड़े कार्यक्रमों में जमीनी स्तर पर हिस्सा लेने वाले दर्शकों और श्रोताओं के लिए विशेष प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है।
इस विशेष कवरेज को आप कहां देख सकेंगे
अमर उजाला अखबार और amarujala.com पर आपको कार्यक्रम स्थल की जानकारी मिलेगी।
‘सत्ता का संग्राम’ से जुड़ी व्यापक जमीनी कवरेज आप अमर उजाला अखबार में पढ़ सकेंगे।
amarujala.com पर आप कार्यक्रमों को लाइव देख सकेंगे।
सभी कार्यक्रम अमर उजाला डिजिटल के फेसबुक पेज और यू-ट्यूब चैनल पर देखे जा सकेंगे।
इन सभी कार्यक्रमों के जरिए दर्ज होने वाली जनता की आवाज विशेष रूप से अमर उजाला के पॉडकास्ट ‘आवाज’ पर भी उपलब्ध रहेगी।