अधिकांश अभ्यर्थी अगली परीक्षा के लिए प्रयासरत
बाकी 684 अभ्यर्थियों में से 270 ने ही समायोजन के लिए अपनी सूचना वेबसाइट पर साझा करने के लिए सहमति जताई है। 414 अभ्यर्थी अपना नाम वेबसाइट पर अपलोड करने पर सहमत नहीं हैं। माना जा रहा है कि कई अभ्यर्थी अगली परीक्षा के लिए प्रयासरत रहते हैं और कई पहले से सरकारी नौकरी कर रहे हैं।
हालांकि, आयोग ने अध्यक्ष संजय श्रीनेत ने पांच पहले ही यह निर्णय ले लिया था और अब उसे लागू कर दिया गया है। पीसीएस परीक्षा के अंतिम चरण (साक्षात्कार) तक पहुंचने वाले अचयनित अभ्यर्थियों को रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य से उनके प्राप्तांक एवं अन्य विवरणों का एक उपयोगी डेटाबेस आयोग की ओर से नियोक्ता संस्थाओं को उपलब्ध कराया जाएगा। अभ्यर्थियों की लिस्ट आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है।
आवेदन करने वालों में इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट के भी अभ्यर्थी
जिन अभ्यर्थियों ने आयोग को ईमेल के माध्यम से अपने आवेदन भेजे हैं, उनमें बड़ी संख्या इंजीनियरिंग के छात्रों की है। इनमें मैकेनिकल इंजीनिरिंग, इलेक्टि्रकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, मैकेनिकल एंड ऑटोमेशन इंजीनियरिंग के छात्र हैं। इनके अलावा बीडीएस, एमबीए, विधि, लेदर टेक्नोलॉजी, फिजिक्स ऑनर्स, कंप्यूटर साइंस, टेक्सटाइल डिजाइन आदि पाठ्यक्रमों के छात्र भी आवेदन करने वालों में शामिल हैं।
अन्य भर्तियों में भी व्यवस्था लागू करने की तैयारी
पीसीएस परीक्षा में इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद उन भर्तियों को भी इसमें शामिल किए जाने की तैयारी है, जिनमें लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर चयन होता है। इनमें सम्मिलत राज्य अभियंत्रण सेवा परीक्षा, राज्य कृषि सेवा, पीसीएस जे जैसी भर्तियां शामिल हैं। आयोग के सूत्रों के अनुसार पीसीएस के बाद सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा भर्ती को इस व्यवस्था में शामिल किया जा सकता है।