इलाहाबाद विश्वविद्यालय में फोरम फॉर कैम्पस डेमोक्रेसी के बैनर तले छात्रों का बेमियादी अनशन बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। वे डीएसडब्ल्यू, चीफ प्रॉक्टर और रजिस्ट्रार को बर्खास्त करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। कुलपति से वार्ता नहीं होने की वजह से भी छात्रों में नाराजगी है। विश्वविद्यालय के अफसरों ने उन्हें अनशन खत्म करने की अपील की लेकिन वे नहीं माने।
अनशन पर बैठने वाले छात्र आइसा के अलिक और प्रभा, दिशा छात्र संगठन के अमित, इंकलाबी छात्र मोर्चा के सुजीत, दिनेश चौधरी एवं आशुतोष पांडेय हैं। डीएसडब्ल्यू ऑफिस के सामने शुरू अनशन के समर्थन में छात्रों ने क्रांतिकारी गीत गाए। इस दौरान हुई सभा जनवादी छात्रसभा के सुनील यादव का कहना था कि विश्वविद्यालय प्रशासन के तानाशाही रवैया की वजह से वे आंदोलन के लिए बाध्य हैं। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर हर्ष कुमार, डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर आरकेपी सिंह वार्ता के लिए छात्रों के बीच पहुंचे, लेकिन वे नहीं माने। छात्रों ने मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा की। अनशन स्थल पर अध्यापकों के अलावा छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्रा, अजीत यादव, स्वराज अभियान के पंकज, स्त्री मुक्ति लीग की नीशू आदि पहुंचे। आंदोलन में रितेश विद्यार्थी, यश, सृजन, दिनेश चौधरी, अमीषा, साक्षी, अंजलि, रश्मि, सुनील आदि शामिल रहे।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अनशन पर बैठे छात्र-छात्राओं का चार दिन हालचाल लेने वाला कोई नहीं होगा। मतदान, शिवरात्रि तथा साप्ताहिक अवकाश की वजह से परिसर चार दिन बंद रहेगा। ऐसे में अनशन जारी रखने वाले विद्यार्थियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अध्यापकों ने उनसे इस बाबत बात की, लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े हैं।