इलाहाबाद (ब्यूरो)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय और संघटक कालेजों के छात्रसंघ चुनाव में धन के साथ बाहुबल का भी शोर सुनाई दे रहा है। हालांकि इस बार सीधे तौर पर आपराधिक प्रवृत्ति के उम्मीदवार तो मैदान में नहीं हैं, लेकिन उनके पीछे कई ऐसे लोग खड़े हैं जिन पर कई गंभीर आरोपों में मुकदमें हैं। एक प्रत्याशी के पिता की भी शहर के बाहुबलियों में गिनती होती है।
प्रत्याशियों के प्रचार को देखकर विश्वविद्यालय के छात्रसंघ का नहीं बल्कि सांसदी या विधायकी का चुनाव लगता है। पाबंदियों के बाद लोकसभा और विधानसभा के चुनाव में भी इस तरह लग्जरी गाड़ियों के जुलूस नहीं निकलते। कई प्रत्याशियों की ओर से छात्र-छात्राओं को खुलकर लालच भी दिया जा रहा है। पैसे के साथ गिफ्ट का भी प्रलोभन दिया जा रहा है। इन सब के पीछे धन तथा बाहुबलियों का हाथ होने की बात कही जा रही है। ज्यादातर प्रत्याशियों के साथ किसी न किसी दबंग का हाथ है।
अध्यक्ष और महामंत्री पद के प्रत्याशियों के साथ कई ऐसे लोग खुलकर सामने आ गए हैं जिन पर हत्या समेत कई आपराधिक मामले हैं। यह भी कहा जा रहा है कि चुनाव भले ही छात्रनेता लड़ रहा है, लेकिन असली चेहरा ये ही हैं। ऐसे में इनकी प्रतिष्ठा भी इस चुनाव से जुड़ गई है। इनमें से कई की दखलंदाजी पूर्व के चुनावों में भी रही तथा परिणाम की घोषणा के बाद काफी आगजनी हुई थी। ऐसे में इस चुनाव में भी इनकी सीधी भागीदारी से तनाव की स्थिति है तथा बवाल की आशंका बनी हुई है।