इविवि प्रशासन अगर इसी के आसपास फीस बढ़ाता है तो फीस में तीन से चार गुना की वृद्धि होगी। इसके साथ ही एकेडमिक कौंसिल ने इविवि के हॉस्टलों की फीस बढ़ाए जाने पर भी मुहर लगा दी है, ताकि हॉस्टल सुचारु रूप से संचालित किए जा सकें। नए सत्र से 2022-23 से हॉस्टल में प्रवेश लेने वाले छात्रों की फीस में बढ़ोतरी की जाएगी। इससे हॉस्टल में दी जा रही सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सकेगा। यह फीस वृद्धि वर्तमान छात्रों पर लागू नहीं होगी।
पीआरओ बोलीं-
‘एकेडमिक कौंसिल की बैठक में इविवि में नए सत्र 2022-23 में प्रथम वर्ष एवं प्रथम सेमेस्टर की फीस बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया है। अन्य केंद्रीय विश्वविद्यालयों के समकक्ष फीस ली जाएगी। छात्रावासों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हॉस्टल की फीस भी बढ़ाई जा रही है। किस पाठ्यक्रम में कितनी फीस बढ़ी है, इसकी जानकारी दाखिले के वक्त दी जाएगी। फीस वृद्धि केवल नए छात्रों पर लागू होगी। वर्तमान में पढ़ रहे छात्रों पर यह व्यवस्था लागू नहीं होगी।’ डॉ. जया कपूर, पीआरओ, इविवि
शुरू होंगे दस नए इंटीग्रेटेड पाठ्यक्रम
एकेडमिक कौंसिल की बैठक में निर्णय लिया गया कि नए सत्र 2022-23 से 10 नए इंटीग्रटेड पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इनमें बीबीए एवं एमबीए, योगा एवं मेडिटेशन में बीए, बीएएसी, एमए, एमएससी, आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस में बीटेक एवं एमटेक, आपदा प्रबंधन एवं पर्यावरण अध्ययन में बीए, बीएससी, एमए, एमएससी, फूड एंड न्यूट्रिशन में बीए, बीएससी, डाटा साइंस में बीसीए एवं एमसीए, फैशन डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी में बी डिजाइन एवं एम डिजाइन, फूड टेक्नोलॉजी में बीएससी एवं एमएससी, कॉग्नेटिव सइांस, ह्यूमन कंप्यूटर इंटेरैक्शन और कॉग्नेटिव एंड क्लिनिकल न्यूरोसाइकोलॉजी में एमएससी एवं पीएचडी के पाठ्यक्रम शामिल हैं।
इविवि को बदनाम करने वालों पर होगी कार्रवाई
सोशल मीडिया पर विश्वविद्यालय के खिलाफ लिखने और विश्वविद्यालय को बदनाम करने के कई प्रकरण सामने आए हैं। इसको रोकने के लिए बैठक में निर्णय लिया गया है कि अगर कोई छात्र मीडिया या सोशल मीडिया पर विश्वविद्यालय को बदनाम करने की गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई शिक्षक इस तरह के कार्य में लिप्त रहते हैं और मीडिया में या सोशल मीडिया पर विश्वविद्यालय के खिलाफ बयान देते हैं तो कार्य परिषद की संस्तुति से उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
संकायवार होगा प्री पीएचडी प्रोग्राम, अलग से ली जाएगी फीस
बैठक में निर्णय लिया गया कि अब प्री पीएचडी प्रोग्राम संकायवार आयोजित किया जाएगा। पहले यह विभागवार होता था। संकायवार प्रोग्राम शुरू होने से परीक्षाएं भी एक साथ आयोजित की जा सकेंगी। प्री पीएचडी प्रोग्राम के लिए अलग से फीस की व्यवस्था लागू की जाएगी। यह व्यवस्था सत्र 2022-23 से नए छात्रों पर लागू होगी और वर्तमान छात्रों पर लागू नहीं होगी।
प्रो. एसआई रिजवी को मिला प्रशंसा प्रमाणपत्र
एकेडमिक कौंसिल की बैठक में लाइफ साइंस के तहत विभिन्न विषयों में आने वाले प्रोजेक्ट अनुदान से स्मार्ट क्लासरूम बनाने के लिए प्रो. एसआई रिजवी को प्रशंसा प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। यह स्मार्ट क्लासरूम होम साइंस, जीव विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, बायोकेमेस्ट्री विभागों और सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी के कुछ प्रोजेक्ट के अनुदान से बनाया गया है।