डीआरएम ऑफिस में कार्यरत तीन कर्मचारियों के निलंबन मामले में नार्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन के पदाधिकारियों ने नाराजगी जताई है। यूनियन का आरोप है कि रेलवे अफसरों द्वारा कर्मचारियों को सफाई तक देने का मौका नहीं दिया गया। जबकि निलंबन प्रक्रिया के पूर्व कर्मचारियों को पहले अपनी बात रखने का मौका दिया जाता है। प्रयागराज मंडल के तमाम रेलवे स्टेशनों के बुक स्टॉल को मल्टीपरपज स्टोर के रूप में परिवर्तित करने का निर्देश रेलवे बोर्ड ने दिया था। इसके लिए संबंधित स्टाल संचालकों की ओर से आवेदन भी किया गया। बताया जा रहा है कि फिरोजाबाद स्टेशन के एक बुक स्टॉल की ओर से भी आवेदन किया था लेकिन वह कार्य लंबे समय से अटका रहा। आरोप है कि संबंधित बुक स्टाल के कुछ दस्तावेज भी कामर्शियल विभाग में गायब हो गए।
सीनियर डीसीएम द्वितीय संचित त्यागी ने जब बुक स्टाल संचालित करने वाले संचालक की फाइल तलब की तो उन्हें मालूम पड़ा कि कुछ दस्तावेज उसमें नहीं है। इसके बाद उन्होंने सीनियर क्लर्क पंकज पांडेय, अमित कुमार अग्रवाल एवं सीएमआई अरुण चंद पांडेय को निलंबित कर दिया। इस बीच सीनियर क्लर्क पंकज पांडेय जो मेंस यूनियन की मिनिस्टीरियल ब्रांच के उपाध्यक्ष है, उनके निलंबन की खबर यूनियन के नेताओं को मिली वह खासे नाराज हुए। जोनल महामंत्री आरडी यादव ने बताया कि सीनियर डीसीएम ने कर्मचारियों को अपनी सफाई तक पेश करने का मौका नहीं दिया। शुक्रवार को इस संबंध में सीनियर डीसीएम प्रथम अंशु पांडेय से मुलाकात की जाएगी।
निलंबित हुए कर्मचारियों की रेलमंत्री से सांसद ने की थी शिकायत
कामर्शियल विभाग के पंकज पांडेय, अमित कुमार की जून 2020 में कौशांबी के सांसद विनोद सोनकर ने रेलमंत्री पीयूष गोयल से शिकायत की थी। तब सांसद ने अपने पत्र के माध्यम से आरोप लगाया था कि श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में खाना उपलब्ध कराने पर उक्त कर्मचारियों ने भ्रष्टाचार किया था। सांसद ने दोनों रेलकर्मियों के खिलाफ जांच की भी मांग की थी। इस मामले में पंकज पांडेय का कहना है कि सांसद इस प्रकरण में डीआरएम ने जांच करवाने के बाद उन्हें क्लीन चिट दी थी।
इस मामले की जांच की जा रही है। एकतरफा कार्रवाई वाली कोई बात नहीं है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। - अमिताभ, डीआरएम प्रयागराज मंडल।