पुलिस की कहानी के मुताबिक इस अपहरण कांड को अंडरवर्ल्ड डॉन बबलू श्रीवास्तव के इशारे पर अंजाम दिया गया था। पुलिस ने मौके पर बबलू श्रीवास्तव के भांजे विकल्प श्रीवास्तव, गोरखपुर निवासी महेंद्र यादव, सच्चिदानंद यादव उर्फ सचिता, बरेठी थाना थरवई निवासी चंद्रमोहन उर्फ बब्लू यादव को गिरफ्तार करने का दावा किया था। साथ ही इनके पास से 9 एमएम व 32 बोर की दो पिस्टलें, 315 बोर का तमंचा, आल्टो कार, लैपटॉप, मोबाइल, फर्जी सिमकार्ड बरामदगी दिखाई थी।
पुलिस ने डॉन बबलू श्रीवास्तव, उसके भांजे संकल्प श्रीवास्तव समेत कुल दस आरोपियों के खिलाफ इलाहाबाद जिला न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। करीब नौ साल चले ट्रायल के दौरान अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गुलाब चंद्र अग्रहरि ने 21 गवाह पेश किए। इसके बाद सभी मुल्जिमों के साथ बबलू श्रीवास्तव ने अपना बयान दर्ज कराते हुए खुद को बेगुनाह बताया था। विकल्प श्रीवास्तव, सच्चिदानंद यादव, महेंद्र यादव, चंद्रमोहन यादव, विनीत परिहार, संदीप चौधरी उर्फ राजेश कुमार, राकेश सिंह, गोलू उर्फ अभिषेक यादव अपहरण और फिरौती मांगने में दोषी करार दिए गए हैं।
बुलेट प्रूफ जैकेट में पहुंचा था अदालत
बबलू श्रीवास्तव फिलहाल बरेली जेल में बंद है। इस केस के अलावा उसके खिलाफ कई मामले विचाराधीन हैं। अपहरण कांड की सुनवाई के लिए जब बबलू श्रीवास्तव को 15 अक्तूबर 2023 को तलब किया गया तो वह बेहद डर गया। उसने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश हाेने की इजाजत मांगी। दरअसल, उन दिनों पुलिस हिरासत में अतीक, अशरफ, संजीव जीवा जैसे माफिया की हत्या हुई थी। हालांकि, तत्कालीन पीठासीन अधिकारी अपर सत्र न्यायाधीश विकास श्रीवास्तव ने डॉन की गुहार नहीं मानी। लिहाजा, 16 अक्तूबर को उसे बरेली जेल से भारी सुरक्षा इंतजामों के बीच अदालत में पेश किया गया। बुलेट प्रूफ जैकेट पहने अदालत पहुंचे डॉन ने खुद को बेगुनाह बताया था।