भीषण गर्मी के बीच कोहड़ार बाजार और आसपास के क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। घंटों अघोषित कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या ने लोग परेशान हैं।
ग्रामीण सोनू जैन ने बताया कि बिजली की कटौती तो समस्या है ही, लेकिन जब सप्लाई आती भी है तो वोल्टेज इतना कम होता है कि पंखे और कूलर तक नहीं चल पा रहे हैं। लो-वोल्टेज के कारण घरों के बिजली उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं।
उर्मिलेश दुबे का कहना है कि बिजली संकट का सीधा असर अब पेयजल आपूर्ति पर पड़ रहा है। बिजली न रहने से मोटर नहीं चल पा रहे हैं।
भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेश द्विवेदी ने कहा कि बिजली की खराब स्थिति को लेकर कई बार उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन विभाग कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है। दिन हो या रात, बिजली की आवाजाही का कोई निश्चित समय नहीं है।