एडीसीपी घर वालों से भी लगातार बात कर रहे थे। इस बीच पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा और डीएम संजय खत्री भी कई बार मौके पर गए और फोर्स के साथ गश्त किया। घर के आस पास समर्थक बड़ी संख्या में जुटे थे। वे बार बार नारेबाजी कर रहे थे। उमेश के घर में सांत्वना व्यक्त करने वालों का तांता लगा था। इसी बीच शाम को जब शव पोस्टमार्टम से घर के लिए चला तो पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया।
जब शव पहुंचा तो उग्र समर्थकों ने फिर नारेबाजी शुरू कर दी। थोड़ी देर बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए भेज दिया गया। इस दौरान ट्रैफिक को रोक दिया गया था। शव के हटते ही ट्रैफिक को खोल दिया गया। आरएएफ और पीएसी के साथ फोर्स को अभी भी वहां तैनात किया गया है। फोर्स को निर्देश दिए गए हैं कि रात तक गश्त जारी रखा जाए।