उमेश पाल हत्याकांड के दूसरे शूटर को भी पुलिस ने एनकाउंट में ढेर कर दिया। यह वही शूटर है जो पास की दुकान पर खड़े होकर सामान खरीदने का नाटक कर रहा था और उमेश पाल के पहुंचते ही उनके ऊपर गोलियों की बौछार करने लगा। पुलिस इसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी। एनकाउंटर सोमवार को सुबह हुआ। उस्मान के सीने में दो गोलियां लगी हैं। मुठभेड़ में नरेंद्र नाम का एक सिपाही भी जख्मी हो गया है।
जानकारी के अनुसार, प्रयागराज के कौंधियारा थाना इलाके में सोमवार सुबह क्राइम ब्रांच की टीम और आरोपी विजय उर्फ उस्मान के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में उस्मान को गोली लगी। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को अस्पताल में ले जाया गया। जहां उसकी मौत हो गई।
उमेश पाल और सिपाही को पहली गोली मारने वाले विजय उर्फ उस्मान के मारे जाने के बाद उत्तर प्रदेश के बीजेपी विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि कहा था ना कि मिट्टी में मिला देंगे...। उमेश पाल और संदीप निषाद पर पहली गोली चलाने वाला हत्यारा उस्मान भी आज पुलिस मुठभेड़ में ढेर।
गोरखपुर के सांसद रवि किशन ने भी ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि पूज्य महाराज योगी आदित्यनाथ ने कहा था ना कि मिट्टी में मिला देंगे, उमेश पाल और संदीप निषाद पर पहली गोली चलाने वाला खूंखार फरार हत्यारा उस्मान भी आज यूपी पुलिस द्वारा एनकाउंटर में ढेर हो गया।
वहीं, उमेश पाल हत्याकांड पर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि पुलिस STF लगातार लगी हुई है, यह घटना जो हुई है उसमें पुलिस पर हमला किया गया जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में उसे मार गिराया। एक-एक अपराधी को सज़ा मिलेगी यही हमारी प्रतिबद्धता है। बताया जा रहा है कि उस्मान चौधरी ने ही उमेश पाल और सिपाही को पहली गोली मारी थी। आरोपी विजय उर्फ उस्मान पर 50 हजार का इनामी था।
इससे पहले, उमेश पाल और दोनों सिपाहियों की हत्या में शामिल अरबाज को पिछले सोमवार को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया गया था। शूटरों ने जिस क्रेटा गाड़ी से उमेश पाल पर हमला किया था, वह गाड़ी अरबाज ही चला रहा था। चकिया क्षेत्र में हमले में प्रयुक्त क्रेटा कार बरामद होने के बाद इंजन और चेचिस नंबर से पुलिस आरोपी अरबाज तक पहुंच गई। सोमवार की दोपहर पीपल गांव इलाके में अरबाज के होने की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की पुलिस को देखकर अरबाज ने फायरिंग की। जवाबी फायरिंग में अरमान को ढेर कर दिया गया। मुठभेड़ में धूमनगंज इंस्पेक्टर के दाहिने हाथ में भी गोली लगी थी।