कोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया कि दोनों को कस्टडी में लेने से पहले और अदालत में दाखिल किए जाने के समय चिकित्सीय परीक्षण के साथ-साथ कोरोना जांच भी कराई जाए। उनके साथ कोई अमानवीय व्यवहार नहीं किया जाए।अभियुक्तगण चाहें तो अपने अधिवक्ता को साथ रख सकते हैं। अधिवक्ता इनसे उचित दूरी बनाए रखेंगे और विवेचना में कोई हस्तक्षेप नहीं करेंगे।
अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गुलाबचंद अग्रहरि, संयुक्त निदेशक (अभियोजन) विश्वनाथ तिवारी, विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र सिंह गोपाल ने पक्ष रखा, जबकि अतीक-अशरफ की ओर से दया शंकर मिश्र, राधे श्याम पांडेय, मनीष खन्ना और विजय मिश्रा ने पुलिस कस्टडी रिमांड के विरोध में दलीलें दीं।