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Umesh Pal Hatyakand: दुकानदार बोला- ग्राहक बनकर आया शूटर, उमेश के पहुंचते ही करने लगा गोलियों की बौछार

Thu, 02 Mar 2023 11:16 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

उमेश पाल हत्याकांड का एक शूटर जिस इलेक्ट्रिक की दुकान पर ग्राहक बनकर आया था, उस दुकान के मालिक रमेश चंद्र और उनका परिवार अबतक सहमा हुआ है। दुकान मालिक का कहना है कि वह खौफनाक मंजर उनको कभी भी नहीं भूलेगा।
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Prayagraj News : उमेश पाल की हत्या का सीसीटीवी फुटेज। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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उमेश पाल हत्याकांड का एक शूटर जिस इलेक्ट्रिक की दुकान पर ग्राहक बनकर आया था, उस दुकान के मालिक रमेश चंद्र और उनका परिवार अबतक सहमा हुआ है। दुकान मालिक का कहना है कि वह खौफनाक मंजर उनको कभी भी नहीं भूलेगा। वायरल सीसीटीवी फुटेज में जैसे ही उमेश पाल की गाड़ी दुकान के बगल में रुकती है, वह बदमाश दुकान से निकलकर उमेश पर ताबड़तोड़ फायरिंग करता हुआ दिखाई देता है।

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उमेश हत्याकांड के चार दिन के बाद मंगलवार को रमेश ने अपनी दुकान खोली। रमेश ने घटना वाले दिन को याद कर कहा कि वह रूह कंपा देने वाली घटना थी, जिसे वह पूरी जिंदगी भूल नहीं पाएंगे। सुलेमसराय स्थित अमित इलेक्ट्रिक वर्क्स नाम की यह दुकान पिछले 30 सालों से खुली हुई है।

दुकानदार रमेश ने साझा की खौफनाक यादें
दुकान के मालिक रमेश चंद्र ने घटना को साझा करते हुए बताया कि शुक्रवार की शाम लगभग सवा चार बजे के आसपास एक व्यक्ति उनकी दुकान पर आया और उसने सबसे पहले शेव ट्रिमर की डिमांड की। इसके बाद उसने डिजाइनर चाइनीज लाइट की मांग की। जैसे ही वह चाइनीज लाइट उस ग्राहक को दिखाने के लिए पीछे घूमे, उसी दौरान ग्राहक की भेष में आया बदमाश पिस्तौल निकालकर दुकान से बाहर की ओर भागा। वह उमेश के ऊपर ताबड़तोड़ फायरिंग करने लगा, उस बदमाश के साथ कई अन्य लोग भी थे।

उन्होंने बताया कि कुछ ही सेकंड में बदमाशों ने इस तरीके से वारदात को अंजाम दिया कि उनकी आंखों के सामने ही अंधेरा छा गया। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाते कि उसी वक्त उन्होंने तेजी के साथ अपनी सुरक्षा की दृष्टि से दुकान का शटर नीचे किया। लेकिन शटर के नीचे सामान रखा हुआ होने के चलते शटर आधा ही बंद हो सका। रमेश बताते हैं कि इस घटना से वह इतना डर गए थे कि उनकी हिम्मत नहीं हुई कि वह चार दिनों तक दुकान खोल सकें।
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जीवन में नहीं देखा था ऐसा नजारा, डरा हुआ है परिवार
रमेश बताते हैं कि उनके दो बेटे हैं, जिनमें से एक बेटा उनके साथ दुकान में ही हाथ बंटाता है। रमेश ने बताया कि ऐसा उनकी जिंदगी मे पहली बार हुआ है। जब उन्हीं के आंख के सामने साधारण से दिख रहे व्यक्ति ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी हो। उन्होंने इससे पहले कभी भी गोली चलते हुए नहीं देखा था। उन्होंने कहा कि उनका परिवार आज भी डरा हुआ है। वह वक्त से पहले ही दुकान बंद कर दे रहे हैं। रमेश का कहना है कि घटना को अंजाम देने में शामिल सभी लोगों की गिरफ्तारी हो और उनपर कार्रवाई की जाए। 
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