सर्विलांस पर डाले गए नंबरों के बंद होने पर बढ़ी चिंता
सर्विलांस पर डाले गए नंबरों के माध्यम से ही पुलिस और एसटीएफ की टीमें शूटरों और शाइस्ता के साथ ही उमेश पाल हत्याकांड में शामिल अन्य मददगारों तक पहुंचने का प्रयास कर रही थीं, लेकिन नंबरों के अचानक बंद होने के बाद पुलिस की चिंता बढ़ गई है। सूत्रों के अनुसार यह सभी नंबर अतीक और उसके परिवार के संपर्क में रहने वाले करीबियों और रिश्तेदारों और दोस्तों के थे जो हमेशा इनके पास फोन करते थे। 800 से अधिक नंबर स्वीच आफ बता रहे हैं तो कुछ नंबर नेटवर्क के बाहर तो कुछ नॉट रिचेबल बता रहे हैं। इन नंबरों का इस्तेमाल अतीक और अशरफ की हत्या के बाद से नहीं किया जा रहा है।
जांच एजेंसियों की परेशानी बढ़ी
सूत्रों के मुताबिक अतीक और अशरफ की हत्या के बाद उसके करीबियों को लगने लगा है कि कहीं उन्हें भी पुलिस की पूछताछ और गिरफ्तारी का सामना न करने पड़े। इसलिए उन लोगों ने अपना मोबाइल बंद कर दिया, जो जांच एजेंसियों के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं है। उमेश पाल की हत्या 24 फरवरी को की गई थी। 15 अप्रैल को अतीक और अशरफ की हत्या हुई, जबकि इसके पहले 13 अप्रैल को अतीक के बेटे असद को पुलिस ने झांसी में मुठभेड़ के दौरान ढेर कर दिया था।
शाइस्ता की तलाश में छापेमारी जारी
उमेश पाल हत्याकांड में नाम आने के बाद माफिया अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन फरार चल रही है। पुलिस हेड कांस्टेबल की बेटी शाइस्ता परवीन को खोजने में पुलिस और एसटीएफ के पसीने छूट गए हैं। बुर्कानशीं होने के कारण पुलिस की परेशानी और भी बढ़ गई है। सूत्रों के अनुसार वह कौशांबी के कछारी और प्रयागराज के गंगापार इलाके में अपने परिचितों के यहां ठिकाने बदल-बदल कर रह रही है। पुलिस जब तक उस तक पहुंचती है तब तक वह लापता हो जाती है। उस पर 50 हजार का इनाम भी घोषित है।