राजूपाल हत्याकांड समेत 22 मुकदमे हैं गुड्डू पर
उमेशपाल हत्याकांड का आरोपी गुड्डू मुस्लिम विधायक राजूपाल हत्याकांड में भी नामजद है। पूर्वांचल के कई बाहुबलियों का वह खास गुर्गा रह चुका है। मिनटों में बम बनाने में माहिर इस बदमाश का नाम लखनऊ में दिनदहाड़े एक शिक्षक की हत्या में भी आया था।
उस पर कुल 22 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से 18 प्रयागराज बाकी मुकदमे गोरखपुर, जौनपुर, सुल्तानपुर में दर्ज हैं। उस पर 1995 में कर्नलगंज थाने से गैंगस्टर की भी कार्रवाई हो चुकी है। हत्या व हत्या के प्रयास के साथ ही डकैती, लूट, चोरी, अपहरण, बंधक बनाकर मारपीट समेत तमाम धाराओं में उस पर मुकदमे लिखे गए हैं। गुड्डू लखनऊ में रहने के दौरान माफिया धनंजय सिंह व अभय सिंह के संपर्क में आया। फैजाबाद में ठेकेदार संतोष सिंह की हत्या में भी उसका नाम सामने आया।
लखनऊ में रेलवे टेंडर के लिए हत्या की धमकी, अपहरण आदि की वारदातें लगातार उसने अंजाम दीं। कुख्यात माफिया श्रीप्रकाश शुक्ला के साथ रहकर भी उसने वारदातों को अंजाम दिया। गोरखपुर के ही एक अन्य माफिया परवेज टाडा ने उसे श्रीप्रकाश से मिलवाया था। इसके बाद वह बिहार में माफिया उदयभान की शरण में चला गया।
2001 में उसे गोरखपुर पुलिस ने एक मामले में पटना से गिरफ्तार किया। कहा जाता है कि अतीक ने ही तब उसे रिहा करवाया और इसके बाद से वह अतीक का बेहद खास गुर्गा बन गया। 2005 में राजू पाल हत्याकांड में भी वह आरोपी बनाया गया।