इसके साथ ही आयशा ने परिवार की कमान अपने हाथ में ले ली थी। उन्होंने अतीक के दोनों नाबालिग बेटों की कस्टडी की भी मांग की थी। बाद में जब अतीक को साबरमती जेल से लाया जा रहा था, तब भी पुलिस के काफिले के साथ आयशा थीं। उन्होंने उस समय भी आरोप लगाया था कि पुलिस उनके भाई के साथ कुछ भी कर सकती है। इस कारण वह वकील के साथ पुलिस फ्लीट के पीछे पीछे चल रही हैं। यह सब चल ही रहा था कि पुलिस ने आयशा के मेरठ स्थित घर पर छापा मारा। पति अखलाक को गिरफ्तार कर लिया गया।
आयशा के घर की एक सीसीटीवी फुटेज वायरल हुई जिसमें गुड्डू मुस्लिम दिख रहा था। फुटेज से यह भी पता चला कि गुड्डू करीब 17 घंटे घर में रहा। उसे आर्थिक मदद भी दी गई। इसी के आधार पर अखलाक को पकड़ा गया था। फुटेज में घर के अन्य लोग भी गुड्डू का स्वागत करते हुए दिख रहे थे। पुलिस का कहना है कि आयशा और उसके घर वालों ने न सिर्फ शूटरों को अपने घर में ठहराया बल्कि उन्हें आर्थिक मदद भी की। इसी आधार पर आयशा को आरोपी बनाया गया है। घर के अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।