पर्दे के पीछे से गुर्गे दे रहे हैं साथ
पुख्ता सूत्राें का कहना जैनब की मदद अतीक व अशरफ के कुछ बेहद खास गुर्गे परदे के पीछे से कर रहे हैं। यह गुर्गे जैनब के सीधे संपर्क में न होेकर उसके फरार भाई सद्दाम के संपर्क में हैं। यही गुर्गे जैनब व शाइस्ता को फरारी काटने के लिए आर्थिक मदद भी कर रहे हैं। लखनऊ के जिस होटल में माफिया भाइयों की बेनामी संपत्ति की डील होनी थी, उसके एक कमरे का किराया छह हजार रुपये प्रतिदिन है। सूत्रों का कहना है कि अतीक के एक बेहद करीबी गुर्गे ने ही लखनऊ के इस होटल में सारे इंतजाम किए थे।
जानबूझकर उड़ाई परिवार में फूट की खबरें
पिछले दिनों ऐसी खबरें भी आईं थीं कि अतीक अशरफ की मौत के बाद उनकी पत्नियों के बीच फूट हो गई है। दोनों के रिश्तों में दरार आ गई है और जैनब पूरी संपत्ति पर अकेले ही कब्जा करना चाहती है। हालांकि बेनामी संपत्ति की डील की बात सामने आने के बाद साफ हो गया है कि यह महज अफवाह थी। सूत्रों का यहां तक कहना है कि जानबूझकर यह खबरें उड़ाई गईं ताकि जैनब व उसके परिवार की ओर से पुलिस का ध्यान कम हो जाए।