नैनी जेल में अली और बरेली में अशरफ से की थी मुलाकात
उधर अतीक के वकील रहे खान शौलत हनीफ ने भी पुलिस को बताया है कि इस हत्याकांड की साजिश की जानकारी उमर व अली को थी। कई बार असद ने उससे यह चर्चा भी की थी। इसी तरह साजिशकर्ता के तौर पर जेल भेजे गए सदाकत खान ने भी पुलिस को बताया है कि हत्याकांड से पहले वह गुलाम और अन्य शूटरों के साथ न सिर्फ बरेली जेल जाकर अशरफ से मिले, बल्कि नैनी जेल में जाकर अली से भी मुलाकात की थी। हत्याकांड से एक महीने पहले 30 दिनों के भीतर शूटर अली से पांच बार मिले थे। इन बयानों व कुछ अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही पुलिस ने दोनों भाइयों का नाम मुकदमे में शामिल करते हुए उनका रिमांड बनवाया है।
जेल में जाकर जल्द दर्ज किया जाएगा बयान
इस मामले में रिमांड बनवाने के बाद अब जल्द ही धूमनगंज पुलिस नैनी व लखनऊ जेल जाकर दोनों का बयान दर्ज करेगी। इसके लिए एक-दो दिन के भीतर ही अर्जी भी दी जा सकती है। बयान के बाद पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई करेगी। उधर अली का वारंट तामील कराया जा चुका है और बुधवार को उमर का भी वारंट लखनऊ जेल में तामील करा दिया गया।