माफिया अतीक-अशरफ और उसके परिवार के मुकदमों की पैरवी करने वाले अधिवक्ता विजय मिश्र ने एडीजे कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर नार्को टेस्ट कराने की गुहार लगाई है। उसने पत्र में लिखा है कि उसे उमेश पाल हत्याकांड में झूठा फंसाया गया है। वह सिर्फ मुकदमों की पैरवी करता था। वह किसी साजिश में शामिल नहीं है।
उमेश पाल हत्या कांड में आरोपी बनाए गए विजय मिश्रा की नार्कों टेस्ट कराने के लिए वकील हिमाशू पांडेय ने एडीजे एससीएसटी कोर्ट इलाहाबाद में प्रार्थना पत्र दिया है। कोर्ट से प्रार्थना की है कि नार्कों टेस्ट कराने की प्रक्रिया के लिए संबंधित विवेचनाधिकारी एवं कमिश्नरेट प्रयागराज को आदेश दिया जाए। पत्र के माध्यम से आरोपी विजय मिश्रा ने कोर्ट से कहा है कि वह पेशे से वकील हैं और पूर्व सांसद अतीक अहमद व विधायक खालिद अजीम उर्फ अशरफ की व उनके परिवार की पैरवी करता रहा है।
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उसे उमेश पाल हत्याकांड में फर्जी फंसाया गया है। इस मामले में शामिल मुल्जिमों से कभी कोई बातचीत नहीं हुई थी और न ही पूर्व अपराध की कोई जानकारी थी। स्वयं का बेगुनाह साबित करने के लिए नार्कों टेस्ट कराना चाहता है। इस संबंध में वकील के माध्यम से में प्रार्थना पत्र दिया है। अधिवक्ता हिमांशू पांडेय ने बताया कि आवेदन का कोर्ट ने संज्ञान में लिया और इसपर हमने अपना पक्ष रखा है।