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Umesh Pal Murder Case : अशरफ की पत्नी जैनब रूबी ने कुर्की और वारंट के खिलाफ हाईकाेर्ट में लगाई गुहार

Thu, 24 Apr 2025 12:28 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

राजू पाल हत्याकांड के गवाह रहे उमेश पाल और उनके दो गनरों की हत्या के मामले में वांछित चल रही जैनब बुधवार को हाईकोर्ट पहुंची। उसने खुद के खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट और कुर्की की कार्रवाई की चुनौती दी है। जैनब उर्फ रूबी माफिया अतीक के भाई अशरफ की पत्नी है। 
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जैनब फातिमा। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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उमेश पाल व उनके दो गनर की हत्या के मामले में फरार चल रही माफिया खालिद अजीम उर्फ अशरफ की पत्नी जैनब उर्फ रूबी ने फिर हाईकोर्ट में गुहार लगाई है। उसने खुद के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने और कुर्की की कार्रवाई को त्रुटिपूर्ण बताते हुए कोर्ट में चुनौती दी है। जैनब 25 हजार की इनामी है और उसकी तलाश में पुलिस कई जनपदों की खाक छान चुकी है।

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उसने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 528 के तहत उपरोक्त कार्रवाई को रद्द करने की मांग करते हुए अर्जी दाखिल की है। 15 अप्रैल को यह अर्जी दाखिल की गई है जिसमें अभी सुनवाई की तिथि तय नहीं है। 24 फरवरी 2023 को हुए इस हत्याकांड में जैनब का नाम विवेचना के दौरान प्रकाश में आया था। मुकदमे में आरोपी बनाए जाने की भनक लगते ही वह फरार हो गई और फिर उसका कुछ पता नहीं चला।

लगभग पांच महीनों तक तलाश के बाद भी कुछ पता नहीं चलने पर 20 जुलाई 2023 को पुलिस ने अर्जी देकर उसका गैर जमानती वारंट जारी कराया। 26 जुलाई 2023 को उसके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई का नोटिस(सीआरपीसी 82 के तहत) जारी किया गया। 82 की कार्रवाई के बाद भी हाजिर नहीं होने पर 19 अक्तूबर 2023 को कुर्की(सीआरपीसी 83 के तहत) का आदेश जारी हुआ जिस पर पुलिस ने उसके मकान को कुर्क किया।

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अग्रिम जमानत, एफआईआर रद्द करने की याचिका हो चुकी है खारिज

जैनब की ओर से इससे पूर्व अग्रिम जमानत व एफआईआर रद्द करने की मांग को लेकर भी याचिका दाखिल की जा चुकी है। हालांकि दोनों ही मामलों में उसे कोई राहत नहीं मिल सकी थी। अब उसने कोर्ट में अर्जी देकर अपने खिलाफ हुई कार्रवाई को चुनौती दी है।

छह फरार इनामियों से एक, दो साल से दे रहे चकमा

जैनब उमेश पाल हत्याकांड में फरार चल रहे छह इनामी आरोपियों में से एक है। इस हत्याकांंड में उसकी भाभी व माफिया अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता व ननद आयशा नूरी भी वांछित हैं। जैनब व आयशा पर 25-25 हजार जबकि शाइस्ता पर 50 हजार का इनाम घोषित है। इन तीनों के अलावा पांच-पांच लाख के तीन इनामी गुड्डू मुस्लिम ,साबिर व अरमान भी दो साल से ज्यादा समय से फरार हैं।
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50 करोड़ की वक्फ संपत्ति कब्जाने-बेचने में भी आरोपी

जैनब उमेश पाल हत्याकांड के अलावा 50 करोड़ की वक्फ संपत्ति बेचने के मामले में भी आरोपी है। आराेप है कि पूरामुफ्ती के अकबरपुर स्थित वक्फ की संपत्ति को उसने अपने भाइयों जैद मास्टर, सद्दाम के अलावा मुतवल्ली असियम, उसकी पत्नी जिन्नत, शिबली समेत अन्य की मदद से अवैध रूप से कब्जा किया और कुछ को बेच भी दिया। इस मामले में उसके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है। वक्फ की इसी जमीन पर बने उसके आलीशान मकान पर पीडीए ने बुल्डोजर भी चलाया था।

एक आराेपी की अपील पर सुनवाई आज

उमेश पाल हत्याकांड के एक अन्य आरोपी इकबाल अहमद उर्फ मो. सजर की क्रिमिनल अपील पर हाईकोर्ट में बृहस्पतिवार को सुनवाई होनी है। मुकदमे की वादिनी जया पाल के अधिवक्ता प्रवीन कुमार पांडेय की ओर से यह जानकारी दी गई। सजर उन 15 आरोपियों में शामिल है, जिनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। पुलिस का आरोप है कि वारदात के मुख्य शूटर असद ने घटना से पहले जयंतीपुर निवासी सजर को आईफोन दिया था। जो फेसटाइम एप के जरिए घटना वाले दिन उमेश पाल के कचहरी से निकलने के बाद से उनकी लोकेशन शूटरों से साझा कर रहा था।
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