फैसले से पहले मां और पत्नी का आया बयान
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उमेश पाल अपहरण मामले में आज प्रयागराज के एमपी-एमएलए कोर्ट ने अतीक अहमद समेत तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ समेत सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, तीन लोगों को दोषी करार दिया गया और सात लोगों को दोषमुक्त कर दिया गया है। विधायक राजू पाल हत्याकांड के चश्मदीद गवाह रहे उमेश पाल के अपहरण के मामले में 17 साल बाद आज अदालत ने अपना फैसला सुनाया।
अतीक की मां ने कहा अब बेटे की हत्या के लिए अतीक को हो फांसी
अतीक को अदालत से सजा मिलने के बाद उमेश पाल की मां शांति देवी ने कहा कि, मेरे बेटे के अपहरण को 18 साल हो गए हैं। वह एक योद्धा था। मुझे अदालत पर भरोसा है। अतीक अहमद को मेरे बेटे के अपहरण के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है लेकिन उसे मेरे बेटे की हत्या के लिए फांसी होनी चाहिए। मुझे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पूरा भरोसा है।
उमेश की पत्नी बोलीं- अतीक जिंदा रहा तो हमारे लिए है खतरा
उमेश पाल की पत्नी जया देवी ने सजा के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि, हम अब तक के फैसले से संतुष्ट हैं। अतीक अहमद को मेरे पति की हत्या के लिए फांसी की सजा होनी चाहिए। हमें न्याय चाहिए और हम यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुजारिश करते हैं कि हमारी मदद करें। अगर वो और उसका भाई जिंदा रहे तो वो हमारे लिए और समाज के लिए परेशानी का सबब बनेंगे।
17 मार्च को पूरी हुई थी मामले की सुनवाई
जिला न्यायालय की स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए ने 17 मार्च को सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाने के लिए 28 मार्च की तारीख तय की थी। मामले में अतीक, अशरफ सहित कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था। आरोपी अंसार बाबा की पहले ही मौत हो चुकी है।
कोर्ट के आदेश पर बाकी सभी आरोपियों को कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। इसके लिए जिला कचहरी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। मामले में उमेश पाल ने पांच जुलाई 2007 को धूमनगंज थाने में उस समय सांसद रहे अतीक अहमद, उसके भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ, दिनेश पासी, खान सौकत हनीफ, अंसार बाबा के खिलाफ अपहरण कर विधायक राजू पाल हत्याकांड मामले में अपने पक्ष में बयान करने का आरोप लगाया था।