वहीं से आपराधिक गतिविधियों को संचालित करता था। गांव में अमूमन बोलता कम था, इस कारण लोग उससे खौफ खाते थे। घर में डीजे की गाड़ी भी चलती है। उस पर विजय ने लिखाया था। इलाका किसी का हो, धमाका मेरा होगा।
उमेश पाल हत्याकांड में शूटरों की तलाश में पुलिस की तीन टीमें बिहार गई हैं। सासाराम, आरा और पटना में स्थानीय पुलिस की मदद से शूटरों को खोजा जा रहा है। पुलिस को पता चला था कि अरमान और गुड्डू मुस्लिम भागकर बिहार ही गए हैं। टीमों ने वहां लॉज, होटलों और कुछ संदिग्ध लोगों के घर में दबिश दी है। बिहार के कई जिलों के थानों में गुड्डू मुस्लिम, असद, गुलाम, अरमान और साबिर की फोटो और वीडियो भी भेजे हैं। पुलिस की एक टीम नेपाल भी गई है।
सूचना थी कि असद समेत कुछ शूटर घटना के तुरंत बाद नेपाल चले गए थे। भारत नेपाल बार्डर और नेपाल के प्रमुख इलाकों में असद समेत सारे शूटरों की फोटो और वीडियो भेजे गए हैं। पुलिस ने नेपाल से भी कुछ लोगों को उठाया है। उनसे वहीं पर पूछताछ हो रही है। असद तथा अन्य शूटरों के मोबाइल कॉल डीटेल्स से जिन जिन लोगों के बारे में जानकारी मिली है, सभी की लिस्ट बनाकर खोजबीन की जा रही है। शहर में भी अटाला, चकिया, कसारी मसारी, मरियाडीह, असरावल और हटवा आदि जगहों पर पुलिस ने मंगलवार को कई जगह दबिश दी और एक दर्जन से अधिक लोगों को उठाया। पुलिस तमाम लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ भी रही है।