मुस्लिम बोर्डिंग हॉस्टल के कमरा नंबर 36 पर सदाकत का दो साल से अवैध कब्जा था। कुछ महीने पहले हॉस्टल में अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई की गई थी। उस दौरान जिन सात कमरों को सील किया गया था, उनमें सदाकत का कमरा भी शामिल था।
प्रयागराज में उमेश पाल हत्याकांड हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। मुस्लिम बोर्डिंग हॉस्टल के कमरा नंबर 36 में बैठकर उमेश पाल हत्याकांड की साजिश रची गई थी। बताया जाता है कि इस कमरे पर सदाकत का दो साल से अवैध कब्जा था। कुछ महीने पहले हॉस्टल में अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई की गई थी। उस दौरान जिन सात कमरों को सील किया गया था, उनमें सदाकत का कमरा भी शामिल था।
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हालांकि, कार्रवाई के कुछ दिनों बाद ही पांच कमरों के ताले तोड़ दिए गए थे, जिनमें कमरा नंबर 36, 65, 72, 98 38 और 101 शामिल थे। ताला टूटने के बाद सदाकत का कमरा नंबर 36 पर फिर से अवैध कब्जा हो गया था। सदाकत ने दो साल पहले सीएमपी डिग्री कॉलेज से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की।
इसके बाद से हॉस्टल के कमरा नंबर 36 पर उसका अवैध कब्जा बना हुआ है। ताला टूटने के बाद हॉस्टल अधीक्षक ने जब इसका विरोध किया तो कमरा नंबर 98 में अवैध कब्जा करके रह रहे एक अन्य युवक अफजाल ने अधीक्षक को जान से मारने की धमकी दी थी।
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अधीक्षक ने ताला टूटने और धमकी देने की सूचना कर्नलगंज पुलिस को दी थी। इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर अफजाल को 24 घंटे के लिए हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया। अफजाल फिर से हॉस्टल में अवैध रूप से रहने लगा।
पुलिस ने हॉस्टल के कमरों का ताला तोड़ने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की और पांच कमरों पर फिर से अवैध कब्जा हो गया। अगर उसी वक्त पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लिया होता तो सदाकत भी हॉस्टल से बाहर होता और हॉस्टल में उमेश पाल हत्याकांड की साजिश न रची गई होती।
सूत्रों का कहना है कि सदाकत अपने कमरे में कब आता या जाता था, इसकी भनक किसी को नहीं लगती थी। कमरा नंबर 36 का ताला टूटने की शिकायत पुलिस से किए जाने के बाद भी सदाकत ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी।
एलएलबी प्रथम वर्ष के छात्र को पुलिस ने उठाया
हॉस्टल के छात्रों ने बताया कि सदाकत की तलाश में मुस्लिम बोर्डिंग हॉस्टल पहुंची पुलिस को जब कमरा नंबर-36 पर ताला लगा हुआ मिला तो पुलिस सीधे कमरा नंबर-58 पर पहुंची और वहां रहने वाले एलएलबी प्रथम वर्ष के छात्र मुबस्सिर हारून को उठा लिया। इसके बाद से मुबस्सिर हॉस्टल वापस नहीं आया है। वह हॉस्टल का वैध छात्र है और कमरा नंबर-58 उसी के नाम से आवंटित है।
वारदात के एक हफ्ते पहले से गायब था सदाकत
उमेश पाल हत्याकांड के एक हफ्ते पहले से सदाकत हॉस्टल में नहीं दिखा था। हॉस्टल के कुछ छात्रों ने बताया कि सप्ताह भर से उसके कमरे पर ताला लगा हुआ था। वारदात से तकरीबन हफ्ते भर पहले उसे हॉस्टल में देखा गया था।
हॉस्टल पर बढ़ा पहरा, नोटिस जारी
मुस्लिम बोर्डिंग हॉस्टल पर पुलिस के छापे के बाद हॉस्टल पर पहरा बढ़ा दिया गया है। हॉस्टल अधीक्षक इरफान खान की ओर से नोटिस जारी किया गया है कि रात 11 से सुबह छह बजे तक हॉस्टल के मेन गेट पर ताला बंद रहेगा और इस दौरान कोई भी छात्र न तो बाहर जाएगा और न ही हॉस्टल में प्रवेश करेगा। अधीक्षक ने बताया कि अक्सर कई छात्र रात को एक बजे तो कभी तीन बजे हॉस्टल लौटते हैं। इसी वजह से हॉस्टल के मेन गेट पर रात 11 से सुबह छह बजे तक ताला लगाए जाने का निर्णय लिया गया है।