एक गोली इंस्पेक्टर राजेश मौर्य को लगी
एक गोली धूमनगंज इंस्पेक्टर राजेश मौर्य के हाथ में लगी। इसके बाद पुलिस वालों ने भी उस पर फायर झोंक दिया। जवाबी फायरिंग में अरबाज वहीं गिर गया, जबकि उसका साथी मौके से फरार हो गया। अरबाज और घायल इंस्पेक्टर राजेश मौर्य को तुरंत स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल ले जाया गया गया, जहां डाक्टरों ने अरबाज को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा और एडीसीपी आकाश कुलहरि समेत अन्य अधिकारी घटनास्थल के साथ-साथ अस्पताल भी गए और घायल इंस्पेक्टर का हालचाल लिया।
अतीक के बेहद खास लोगों में था अतीक
पूरामुफ्ती के सल्लाहपुर का रहने वाला अरबाज अतीक अहमद के बेहद खास लोगों में शामिल था। वह अतीक के दूसरे नंबर बेटे अली की गाड़ी चलाता था। अली के जेल जाने के बाद वह अहजम और अबान की गाड़ी चलाने लगा था। अरबाज दोनों बेटों की गाड़ी ड्राइविंग करने के साथ साथ सुरक्षा में भी खड़ा रहता था। अरबाज का पिता आफाक यही भूमिका अतीक के साथ निभाता था। पिता आफाक अतीक के बाहर रहने के दौरान साये की तरह उसके साथ चलता था। वह अतीक के साथ ही दिन रात रहता था। अरबाज के आपराधिक रिकार्ड को पता किया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक घटना वाले दिन अरबाज न सिर्फ गाड़ी ड्राइव कर ले गया था, बल्कि उसने फायरिंग भी की थी। फिर वहां से शूटरों को लेकर चकिया तक आया था।
उमेश पाल हत्याकांड में शामिल 50 हजार के इनामी अरबाज को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। रमित शर्मा, पुलिस कमिश्नर प्रयागराज।