उमेश पाल हत्याकांड को बेहद सुनियोजित तरीके से महीनों के षड्यंत्र के बाद अंजाम दिया गया था। अतीक ने अपने पुराने शूटर गुड्डू मुस्लिम और गुलाम को छोड़कर सभी शूटर नई उम्र के लड़कों को चुना। गुड्डू मुस्लिम की उम्र लगभग 52 वर्ष है तो गुलाम की उम्र 40 है। दोनों शातिर अपराधी हैं। उनके खिलाफ कई मुकदमें दर्ज हैं। गुड्डू तो अंतरप्रांतीय अपराधी है। हालांकि जिन नए लड़कों को चुना गया था। उनमें सबसे पहला नाम अतीक का बेटा असद है। उसकी उम्र महज 19-20 साल के बीच है।
असद के नाम कोई मुकदमा दर्ज नहीं है। असद को अतीक के घर में सबसे बड़ा दिलेर और सबसे बड़ा गुस्सैल कहा जाता था। हथियार चलाने में भी वह माहिर है। पिछले सोमवार को क्रेटा गाड़ी से चालक अरबाज का एनकाउंटर किया गया। अरबाज की उम्र भी लगभग 24 साल की थी। पुलिस ने एनकाउंटर के बाद कहा था कि उसके आपराधिक रिकार्ड के बारे में पता किया जा रहा है। आज विजय का एनकाउंटर हुआ। उसकी उम्र भी महज 22 साल की थी।
मरियाडीह के साबिर और अरमान की उम्र लगभग 25 साल है। इस मामले की जांच कर रहे एक अधिकारी ने बताया कि अतीक ने इस वारदात के लिए दिलेर नए लड़कों को चुना था जो बिना किसी डर और दहशत के एक ऐसे आदमी को मार दें, जिसके साथ कार्बाइन के साथ दो सिपाही सुरक्षा में लगे थे। नई उम्र के इन लड़कों ने यह काम करने का बीड़ा उठाया। गुलाम और गुड्डू मुस्लिम को इसलिए साथ रखा गया कि कहीं कोई गड़बड़ हो जाए तो दोनों अपने अनुभवों से स्थिति को संभाल लें।