फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

Umesh Pal Case: आर्थिक साम्राज्य पर चोट या एनकाउंटर का डर! 18 साल से फरार अतीक के शूटर ने क्यों किया सरेंडर?

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 06 Apr 2023 12:08 PM IST

सार

राजू पाल हत्याकांड में 18 वर्ष से फरार माफिया अतीक के शूटर अब्दुल कवि ने आर्थिक साम्राज्य पर चोट और एनकाउंटर के भय से आत्मसमर्पण किया।पुलिस ने तीन मार्च को कवि के घर को जमींदोज किया था। साथ ही मददगार 19 लोगों के पास से 44 असलहे बरामद किए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Umesh Pal Case - फोटो : अमर उजाला
बसपा विधायक राजू पाल की हत्या कर 18 साल से पुलिस और सीबीआई को चकमा देकर फरार चल रहे माफिया अतीक के शूटर अब्दुल कवि ने बुधवार को लखनऊ की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। प्रयागराज में उमेश पाल व उनके दो सरकारी गनर की हत्या के बाद पुलिस ने शूटर, उसके परिजनों और मददगारों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की थी। 

पुलिसिया कार्रवाई से अब्दुल कवि के करोड़ों के आर्थिक साम्राज्य पर चोट पहुंची, वहीं उसे पुलिस एनकाउंटर का डर सताने लगा था। माना जा रहा है कि इन्हीं कारणों से कवि ने पुलिस को चकमा देकर राजधानी की सीबीआई कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। 25 जनवरी 20205 को राजू पाल हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई ने सरायअकिल के भखंदा निवासी माफिया अतीक के शूटर अब्दुल कवि का नाम उजागर किया। 


पुलिस व सीबीआई ने 18 वर्ष से फरार अब्दुल कवि के घर 14 फरवरी को कुर्की का नोटिस चस्पा किया। इस बीच 24 फरवरी को राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की प्रयागराज में हत्या हो गई। पुलिस के मुताबिक उमेश की हत्या अतीक व बरेली जेल में बंद उसके भाई अशरफ की साजिश का परिणाम है, जो साबरमती और बरेली जेल में रची गई। 

उमेश की हत्या करने वाले शूटरों ने ली अब्दुल कवि के घर शरण
वारदात के बाद पुलिस को घटना में शामिल शूटरों के अब्दुल कवि के घर में शरण लेने की खबर मिली। इस पर पुलिस ने तीन मार्च को अब्दुल कवि के घर पर सघन तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान अब्दुल कवि या अन्य कोई शूटर तो पकड़ा नहीं गया, लेकिन दीवारों में छिपाकर रखे गए पांच नाजायज असलहे, देशी बम, चापड़ व चाकू बरामद किए गए। 
 
विज्ञापन

Umesh Pal Case - फोटो : अमर उजाला
बसपा विधायक राजू पाल की हत्या कर 18 साल से पुलिस और सीबीआई को चकमा देकर फरार चल रहे माफिया अतीक के शूटर अब्दुल कवि ने बुधवार को लखनऊ की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। प्रयागराज में उमेश पाल व उनके दो सरकारी गनर की हत्या के बाद पुलिस ने शूटर, उसके परिजनों और मददगारों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की थी। 

पुलिसिया कार्रवाई से अब्दुल कवि के करोड़ों के आर्थिक साम्राज्य पर चोट पहुंची, वहीं उसे पुलिस एनकाउंटर का डर सताने लगा था। माना जा रहा है कि इन्हीं कारणों से कवि ने पुलिस को चकमा देकर राजधानी की सीबीआई कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। 25 जनवरी 20205 को राजू पाल हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई ने सरायअकिल के भखंदा निवासी माफिया अतीक के शूटर अब्दुल कवि का नाम उजागर किया। 

पुलिस व सीबीआई ने 18 वर्ष से फरार अब्दुल कवि के घर 14 फरवरी को कुर्की का नोटिस चस्पा किया। इस बीच 24 फरवरी को राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की प्रयागराज में हत्या हो गई। पुलिस के मुताबिक उमेश की हत्या अतीक व बरेली जेल में बंद उसके भाई अशरफ की साजिश का परिणाम है, जो साबरमती और बरेली जेल में रची गई। 

उमेश की हत्या करने वाले शूटरों ने ली अब्दुल कवि के घर शरण
वारदात के बाद पुलिस को घटना में शामिल शूटरों के अब्दुल कवि के घर में शरण लेने की खबर मिली। इस पर पुलिस ने तीन मार्च को अब्दुल कवि के घर पर सघन तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान अब्दुल कवि या अन्य कोई शूटर तो पकड़ा नहीं गया, लेकिन दीवारों में छिपाकर रखे गए पांच नाजायज असलहे, देशी बम, चापड़ व चाकू बरामद किए गए। 
 

आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस को इन शस्त्रों की बरामदगी के लिए कवि के घर को भी ध्वस्त करना पड़ा। इस मामले में पुलिस ने अब्दुल कवि समेत 11 सदस्यों के खिलाफ गंभीर धारा में मुकदमा दर्ज किया गया। घटना में शामिल रहे अब्दुल कवि के भाई अब्दुल कादिर को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया। बाकी आरोपियों की तलाश पुलिस कर रही है।

 

आईजी ने बढ़ाई थी इनाम की राशि
उमेश पाल हत्याकांड के बाद आईजी चंद्रप्रकाश ने 18 साल से फरार शूटर अब्दुल कवि के ऊपर घोषित इनाम की राशि 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी थी। इसके बाद प्रयागराज एसटीएफ, कौशाम्बी व प्रयागराज पुलिस ने अब्दुल कवि व उसके मददगारों पर शिकंजा कसना शुरू किया।

 

19 मददगार गिरफ्तार, 44 असलहे हुए जब्त
अब्दुल कवि की तलाश में पुलिस ने उसके गांव भखंदा में एएसपी समर बहादुर के नेतृत्व में 24 मार्च को सघन तलाशी अभियान चलाया। यहां से पुलिस ने भखंदा गांव से निजामउद्दीन, शाहिद, मो. असलम, डिहवा कटैया के अजमल व बेरुई गांव के बिलाल को गिरफ्तार किया था। इन सभी आरोपियों के पास से तीन दोनाली बंदूक, तीन एकनाली बंदूक, दो रायफल व एक तमंचा सहित 93 कारतूस बरामद किए गए। 25 मार्च को अब्दुल कवि की ससुराल कटैया गांव में भी तलाशी अभियान चलाया। यहां आठ लाइसेंसी व पांच तमंचे और 84 कारतूस बरामद किए।

यह भी पढ़ें: Atiq Ahmed: अतीक के आगे नहीं झुके राजूपाल हत्याकांड के विवेचक, पाक से आता था धमकी भरा फोन, भाई को फंसाया तो...

 

कटैया गांव में पकड़े गए मददगार
मो. आवेश- शूटर कवि का ससुर
मो. इरफान - शूटर कवि का जीजा
शमसुल निशा - शूटर कवि की बहन
तबस्सुम- शूटर कवि की बहन
लियाकत अली- शूटर कवि का जीजा

विज्ञापन
विज्ञापन
Next