Umakant should not re-occupy the land of Gandhi Ashram
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व सांसद उमाकांत यादव और परिवार के लोगों को आजमगढ़ के फूलपुर तहसील के पुराहाड़ी गांव में स्थित गांधी आश्रम संस्थान पर दुबारा कब्जे का प्रयास नहीं करने और किसी भी माध्यम से धमकी नहीं देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने एसएसपी आजमगढ़ को आदेश का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
जिलाधिकारी ने कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर बताया कि गांधी आश्रम भवन से अवैध कब्जा हटा दिया गया है। और संस्थान के पक्ष में नामांतरण की कार्यवाही की जा रही है। कोर्ट ने उमाकांत यादव और अन्य विपक्षियों से याचिका पर जवाब मांगा है। याचिका की सुनवाई 19 नवंबर को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति जे जे मुनीर ने लालचन्द यादव की जनहित याचिका पर दिया है।
याची का कहना था कि 1983 में 10 बीघा जमीन का पट्टा गांधी आश्रम संस्थान को दिया गया। जब उमाकांत सत्ता में थे तो उन्होंने अपनी पत्नी के नाम आश्रम की जमीन का पट्टा करा लिया और आश्रम में ताला लगा लिया। जिसे खाली कराने की मांग में याचिका दाखिल की गई है। कोर्ट ने डी एम से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा था। डीएम ने बताया कि आठ अक्तूबर 19 को अवैध कब्जा हटा दिया गया है। उमाकांत पक्ष का कहना है कि राजस्व परिषद में उनकी अर्जी लंबित है। जिसमें उनके नाम पट्टे को निरस्त करने की वैधता को चुनौती दी गई है। जिसपर कोर्ट ने जवाब मांगा है।