prayagraj news : इलाहाबाद विश्वविद्यालय।
- फोटो : prayagraj
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के ट्वीट के बाद अब इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में प्रवेश का रास्ता साफ हो गया है। विश्वविद्यालय अब प्रोफेशनल पाठ्यक्रम के साथ स्नातक एवं परास्रातक के नियमित पाठ्यक्रमों में भी दाखिले की प्रक्रिया शुरू कर सकेगा। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन पहले ही इसके लिए टेंडर जारी कर चुका है और इसमें प्रोफेशनल एवं नियमित पाठ्यक्रमों की परीक्षा के लिए एजेंसियों से अलग-अलग प्रस्ताव मांगे गए हैं।
यूजीसी ने ट्वीट किया है कि सत्र 2021-22 के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालयों में संयुक्त प्रवेश परीक्षा नहीं कराई जाएगी। विश्वविद्यालय अपने स्तर से पूर्व की भांति नए सत्र में प्रवेश ले सकते हैं। इससे पहले तय हुआ था कि सत्र 2021-22 में सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के माध्यम से संयुक्त प्रवेश परीक्षा कराई जाएगी, लेकिन कोविड के कारण संयुक्त प्रवेश परीक्षा की प्रक्रिया पूरी तरह से ठप रही। इसके लिए न तो आवेदन लिए गए और न ही परीक्षा कार्यक्रम जारी किया गया। इविवि प्रशासन की ओर से यूजीसी और एनटीए को कई पत्र भेजे गए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
prayagraj news : इलाहाबाद विश्वविद्यालय।
- फोटो : prayagraj
जवाब के इंतजार में सत्र तेजी से पिछड़ रहा था, सो कुछ दिनों पहले इविवि प्रवेश प्रकोष्ठ की बैठक में इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशन स्टडीज (आईपीएस) के सभी प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों, बीएएलएलबी, एलएलबी, एमबीए, एमबीएआरडी समेत अन्य प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया। कुलपति से मंजूरी मिलने के बाद टेंडर जारी किया गया। हालांकि इसमें प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों के लिए एजेंसियों से अलग प्रस्ताव और प्रोफेशनल एवं नियमित पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा के लिए एजेंसियों से अलग प्रस्ताव मांगे गए।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने तैयारी कर रखी थी कि अगर एनटीए की ओर से संयुक्त प्रवेश परीक्षा कराई जाती है तो विश्वविद्यालय अपने स्तर से केवल प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों की परीक्षा कराएगा और अगर एनटीए प्रवेश परीक्षा नहीं कराता है तो विश्वविद्यालय अपने स्तर से सभी पाठ्यकमों में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू कर देगा। यूजीसी के ट्वीट के बाद अब बीए, बीएससी, बीकॉम, एमए, एमससी, एमकॉम में भी प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। एजेंसी का चयन होते ही आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इविवि प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. आईआर सिद्दीकी का कहना है कि उन्हें यूजीसी के ट्वीट की जानकारी मिली है, लेकिन औपचारिक रूप से यूजीसी का पत्र मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।