हताशा में आकर एक छात्र समेत दो युवकों ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। कीडगंज में फांसी लगाने वाला छात्र अभिनव नौकरी न मिलने से परेशान था। वहीं शिवकुटी में जान देने वाला युवक भी काम की तलाश में था। कौशांबी के चायल इलाके के रहने वाले विनायक मिश्रा का बेटा अभिनव उर्फ गुड्डू 28 कीडगंज के चौखंडी के रहने वाले देवेंद्र शुक्ला के घर में किराए पर रहता था। विनायक शहर में कई सालों से पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। उसके दोस्तों ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से वह नौकरी न मिलने के कारण परेशान था। उसका घर चायल में है। इसके बाद भी वह पूरे लॉकडाउन में घर नहीं गया। घरवालों से मोबाइल पर बात जरूर करता था, लेकिन कभी भी उसने अपनी परेशानी उनसे नहीं बताई। मंगलवार की रात अभिनव अपने कमरे में गया।
सुबह जब काफी देर तक उसका दरवाजा नहीं खुला तो अगल-बगल के छात्रों ने आवाज दी। अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो मकानमालिक और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो देखा कि अभिनव फांसी पर लटक रहा था? सूचना होने पर कुछ देर में घरवाले भी पहुंच गए। पुलिस ने वहां सुसाइड नोट खोजा, लेकिन कुछ भी नहीं मिला। वहीं नया पुरवा शिवकुटी का रहने वाला सूरज 30 पुत्र ननकू मेहनत मजदूरी कर परिवार वालों का पेट पालता था। लॉकडाउन के बाद से ही वह घर में था। पिछले कुछ दिनों से वह गुमसुम रहने लगा था। मंगलवार की रात सूरज ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। सुबह घरवालों ने देखा तो हड़कंप मच गया। पुलिस मौके पर पहुंच गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया क्या। सूरज के कमरे से भी सुसाइड नोट नहीं मिला।