सालभर पहले भी सोहम आश्रम में डूबे थे दो किशोर
हवेलिया सोहम आश्रम के पास पिछले साल अप्रैल में भी दो किशोर गंगा में नहाने के दौरान डूब गए थे। नैका गांव निवासी जय सिंह का बेटा अर्पित (11), दिनेश कुमार का बेटा लवकुश (9) और हौसला प्रसाद का बेटा वैभव (14) दोपहर में आम तोड़ने के लिए घर से कुछ दूर स्थित बगिया में साइकिल से पहुंचे।
उन्होंने आम तोड़ा, इसके बाद तीनों सोहम आश्रम के नीचे गंगा में नहाने तट पर पहुंचे और नहाने लगे। लवकुश गहरे पानी में डूबने लगा तो अर्पित उसे बचाने आगे बढ़ा। जब दोनों डूबने लगे तो वैभव ने उन्हें बचाने का प्रयास किया लेकिन वह असफल रहा। दोनों पानी में डूबने लगे तो वैभव ने शोर मचाना शुरू किया।
मौके से कुछ दूर मौजूद चरवाहे वैभव के पास पहुंचे और दोनों बच्चों को तलाशना शुरू किया। वहीं, एसडीआरएफ, जल पुलिस और गोताखोरों ने भारी मशक्कत के बाद अर्पित का शव बाहर निकाला। दो दिन बाद दूसरे किशोर का भी शव पानी से बाहर निकाला गया।
सुमित बोला- आंखों के सामने डूबे दोस्त, मैं कुछ न कर सका
हवेलिया वार्ड में सोहम आश्रम के किनारे गंगा में दो दोस्तों के डूबने का वाकया बताते-बताते तीसरे दोस्त सुमित की आंखें भर आईं। सुमित यही कहता रहा कि वह अपने दोस्तों को डूबता देखता रहा, उनकी मदद न कर सका।
सुमित ने बताया कि रुद्र प्रताप और अर्पण के साथ वह सोहम आश्रम स्थित गंगा नदी की ओर घूमने आए थे। रुद्र और अर्पण आते ही नदी में उतर गए। वह गहरे पानी में जाने लगे तो सुमित ने मना किया कि मत जाओ लेकिन दोनों नहीं माने और गहरे पानी में चले गए। सुमित अपनी आंखों के सामने रुद्र और अर्पण को डूबता देखता रहा। मदद के लिए आवाज लगाई लेकिन उस वक्त वहां कोई मौजूद नहीं था।
कुछ ही पल में दोनों दोस्त उसकी आंखों से ओझल हो गए। जिन दोस्तों के साथ सुमित स्कूल और कोचिंग जाता था। वह दुनिया से विदा हो चुके थे। हादसे के बाद उसकी चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और जल पुलिस के साथ दोनों की तलाश शुरू की।