प्रयागराज के केंद्रीय कारागार नैनी में बंद एक सजायाफ्ता बुजुर्ग कैदी व एक विचाराधीन बंदी की लंबी बीमारी के बाद शनिवार को मौत हो गई। जेल प्रशासन की सूचना पर पुलिस व परिजन पहुंचे और पंचनामा करके दोनों लाशों को पोस्टमार्टम हाउस भिजवा दिया गया। रविवार को वीडियोग्राफी के मध्य दोनों की लाशों का पोस्टमार्टम होगा।
गंगापार के झूंसी क्षेत्र के नींवी गांव निवासी मिठाईलाल (90) पुत्र बादल वर्ष 2012 में बहू ममता देवी पत्नी राजेश कुमार की मौत के मामले में दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज होने के बाद जेल गया था। उसकी पत्नी सोना देवी और बेटा दूधनाथ और बहू कंचन देवी भी जेल गए थे। लेकिन बेटा दूधनाथ और बहू कंचन बरी हो गए थे।
न्यायालय ने मिठाईलाल और उसकी पत्नी सोना देवी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। जिसके बाद से वह नैनी सेंट्रल जेल में था। शुक्रवार रात मिठाईलाल की तबियत खराब हुई तो उसे उपचार के लिए बंदी रक्षकों ने पहले जेल अस्पताल में भर्ती कराया। हालत ज्यादा गंभीर होने पर उसे आरएन अस्पताल भेज दिया गया। जहां शनिवार की भोर मिठाईलाल की मौत हो गई।
इसी क्रम में हंडिया कोतवाली के उपरदहा गांव निवासी सूरज चौहान (19) पुत्र उमराव चौहान तीन भाइयों व दो बहनों में छोटा था। हंडिया पुलिस ने तीन महीने पहले उसे एनडीपीएस एक्ट में जेल भेजा था। जेल प्रशासन के मुताबिक वह ड्रग एडिक्ट था और तबेदिक रोग से ग्रसित था।
30 जनवरी की रात सूरज की नैनी जेल में अचानक तबीयत खराब हुई तो उपचार के लिए पहले उसे जेल अस्पताल और फिर स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में ले जाकर भर्ती कराया गया। जहां शनिवार भोर में सूरज की मौत हो गई। पता चलने पर दोनों के परिवार वाले बदहवास हालत में पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे।