तीन बहनों में इकलौता था निश्चय कश्यप
निश्चय कश्यप अपने तीन बहनों में इकलौता भाई था। परिजनों ने बताया कि संदीप गौड़ की पत्नी वर्षा ने करीब पखवाड़े भर पहले बच्चों का जन्म दिया था। इस दौरान संदीप गौड़ ने अपने साल से एक लाख रुपए की मांग कर रहा था। साले निश्चय कश्यप ने अपनी शादी नजदीक होने का हवाला देते हुए एक लख रुपए देने में असमर्थता जताते हुए मात्र 70 हजार रुपए फोन पे के माध्यम से अपने बहनोई को दिया था। उधर निश्चय की शादी करीब होने के चलते उसके बहनोई ने सस्ते तथा अच्छे कपड़े दिलवाने का आश्वासन दिया था। तथा नवजात बच्चे को देखने के लिए शकुंतला अपने बेटी ममता और बेटे निश्चय कश्यप के साथ सूरत पहुंची थी। परिजनों ने आशंका जताई कि बहनोई द्वारा साल की हत्या प्रापर्टी हड़पने के उद्देश्य से की गई।
निश्चय की 29 नवंबर को देल्हूपुर जाने थी बरात
निश्चय कश्यप की शादी तय हो चुकी थी। जिसकी बारात 29 नवंबर को प्रतापगढ़ जनपद के देल्हूपुर थाना अंतर्गत खरवाई गांव की रहने वाली युवती प्रगति से विवाह होना था। अपने होने वाले पति की मौत की खबर सुन प्रगति भी पहुंची और अपने होने वाले पति का शव देखकर दहाड़ मार के रोने लगी।