संगीन धाराओं के कुल 39 मुकदमे हैं दोनों पर
दुर्रानी व एजाज अख्तर दोनों अतीक अहमद के बेहद करीबी रहे हैं और उनका लंबा चौड़ा आपराधिक इतिहास है। दोनों पर संगीन धाराओं के कुल 39 मुकदमे दर्ज हैं। दुर्रानी पर हत्या, हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में 17 केस जबकि एजाज अख्तर 22 मुकदमों का आरोपी है। दुर्रानी अतीक अहमद संग भी सनसनीखेज वारदातों में नामजद है। 2020 में करेली के गौसनगर में डेरी की आड़ में अवैध स्लाटर हाउस चलाने में भी उसका नाम सामने आया था। इसमें वह अपने भाई राशिद दुर्रानी व अन्य समेत नामजद हुआ था।
एजाज अख्तर धूमनगंज थाने का हिस्ट्रीशीटर है। वह राजूपाल हत्याकांड में अतीक व अशरफ संग आरोपी है। 2018 में पेशी से लौटते समय उसने पुलिस पर हमला कर न्यायिक हिरासत से फरार होने की भी कोशिश की थी। माफिया के खिलाफ चले अभियान के क्रम में 2020 में दोनों के करोड़ों के मकान पर बुलडोजर भी चल चुका है।
समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष भी हुए हाजिर
पुलिस आयुक्त न्यायालय में बृहस्पतिवार को समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष संदीप यादव भी हाजिर हुए और अधिवक्ताओं के माध्यम से अपना पक्ष रखा। उनके खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्यवाही चल रही है। उधर, पुलिस आयुक्त न्यायालय के आदेशानुसार बृहस्पतिवार को खुल्दाबाद निवासी जावेद स्टिक ने शाहगंज थाने पहुंचकर हाजिरी लगाई। गुंडा एक्ट के मामले में शाहगंज थाने में हर 15 दिन में उसे हाजिरी लगाने का आदेश दिया गया है।