मतदान प्रतिशत के हिसाब से शहरी उत्तरी विधानसभा के वोटरेां ने भले ही पिछले लोकसभा चुनाव की बराबरी कर ली हो लेकिन जानकार इसे संतोषजनक नहीं मान रहे हैं। उनका कहना है कि अनुमान था कि इस बार वोटिंग प्रतिशत में बढ़ोतरी होगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उधर वोटिंग की बात करें तो दोपहर में दो घंटे झमाझम वोट बरसे लेकिन सुबह-शाम यहां वोटरों का सूखा ही रहा।
शहरी उत्तरी विधानसभा क्षेत्र में सुबह मतदान की शुरुआत काफी धीमी रही। पहले दो घंटों की बात करें तो यहां प्रति घंटे औसतन महज तीन फीसदी वोट पड़े। जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़े के मुताबिक सात से नौ बजे के बीच महज छह फीसदी वोटरों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इनमें भी आदर्श मतदान क्रेंद्रों पर ही ज्यादा वोटर नजर आए। जीएचएस, बीएचएस, ज्वाला देवी, जेटी, गोल्डेन जुबली, बिशप जॉनसन, सेंट एंथोनी, प्रयाग महिला विद्यापीठ व न्यू राजकीय कारपेंट्री स्कूल ही ऐसे बूथ रहे जहां सुबह के दो घंटे में मतदाता नजर आए। अन्य केंद्रों पर इक्का-दुक्का ही वोटर पहुंचे।
अनुमान था कि दिन चढ़ने के साथ ही मतदान प्रतिशत चढ़ेगा लेकिन यह कुछ हद तक ही सही हो सका। अगले दो घंटों में मतदान में महज एक प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। यानी सुबह नौ से 11 बजे के बीच सात फीसदी और वोट पड़े और यहां मतदान प्रतिशत 13 पर पहुंच गया। अगले दो घंटे यानी 11 से एक बजे के बीच केवल दो फीसदी ज्यादा वोटर मतदान केंद्रों पर पहुंचे। इन दो घंटों में आठ फीसदी वोट पड़े और दोपहर एक बजते-बजते शहर उत्तरी विधानसभा सीट पर मतदान का प्रतिशत 21 पर पहुंच गया।
जानकारों का अनुमान था कि दोपहर में वोटिंग की रफ्तार धीमी होगी। लेकिन शहर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र में ऐसा नहीं हुआ। बल्कि अनुमान के ठीक उल्टा दोपहर एक बजे से तीन बजे तक सबसे ज्यादा वोटिंग रिकॉर्ड की गई। इस अवधि में कुल 11 फीसदी वोटरों ने मतदान केंद्र पर पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। जिसके बाद वोटिंग प्रतिशत 32 फीसदी दर्ज किया गया।
अफसरों का मानना था कि शाम तीन बजे के बाद वोटिंग की रफ्तार तेजी से बढ़ेगी लेकिन उनका अंदाजा गलत निकला। तीन से पांच बजे के बीच पांच फीसदी ही वोट पड़े और शाम पांच बजे के करीब जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़े के मुताबिक इस वक्त तक शहर उत्तरी सीट पर कुल 37 फीसदी वोटिंग हो चुकी थी। मतदान की समाप्ति पर बताया गया कि शहर उत्तरी विधानसभा सीट पर कुल 41 फीसदी वोटिंग हुई। यानी अंतिम समय में भी वोटरोें ने उत्साह नहीं दिखाया और महज चार फीसदी ही वोटिंग हुई।