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Prayagraj : यूपी बोर्ड की फर्जी मार्कशीट बेचने वाले दो जालसाज गिरफ्तार, पुलिस ने आजमगढ़ से दबोचा

Thu, 26 Mar 2026 04:59 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की फर्जी वेबसाइट तैयार कर मार्कशीट और डिग्री बेचने वाले दो युवकों को साइबर पुलिस ने आजमगढ़ से गिरफ्तार कर लिया है। बृहस्पतिवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों को मीडिया के सामने पेश किया।
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यूपी बोर्ड की फर्जी मार्कशीट बनाने के आरोप में गिरफ्तार जालसाज। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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साइबर पुलिस ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की आधिकारिक वेबसाइट की तर्ज पर फर्जी वेबसाइट बनाकर छात्रों और उनके अभिभावकों से ठगी करने वाले गिरोह को आजमगढ़ से पकड़ा है। पकड़े गए दो आरोपी ममेरे भाई हैं और आजमगए़ के सिपाह इलाके में कॉल सेंटर के जरिए लोगों को फर्जी मार्कशीट और डिग्री बेचते थे। बृहस्पतिवार को साइबर पुलिस ने दोनों के खिलाफ कार्रवाई की है।

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पुलिस के अनुसार, आजमगढ़ के बरदह सोहौली निवासी शशि प्रकाश राय उर्फ राजन शर्मा और बरदह के ठेकमा निवासी मनीष कुमार राय आपस में मौसेरे भाई है। दोनों आरोपी वर्ष 2014 से एक संगठित गिरोह बना रखा था। यह गिरोह कॉल सेंटर के जरिए काम करता था जो सोशल मीडिया, खासकर फेसबुक पर “नंबर बढ़वाने” और “फर्जी मार्कशीट बनवाने” के विज्ञापन देकर लोगों को जाल में फंसाता था। दोनों आरोपी आजमगढ़ के सिपाह इलाके में किराए का कमरा लेकर कॉल सेंटर चलाते थे और इसी सेंटर के जरिए दसवीं, बारहवीं में फेल हुए भोले भाले छात्रों को पांच पांच हजार रुपये लेकर यूपी बोर्ड की फर्जी बेवबाइट से तैयार की गई मार्कशीट बेचते थे।



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पुलिस के अनुसार गिरोह का मुख्य आरोपी शशि प्रकाश राय आईटी एक्सपर्ट है जबकि उसका ममेरा भाई मनीष कुमार बारवीं पास है। दोनों ने अब तक सात हजार से अधिक फर्जी मार्कशीट और डिग्री तैयार कर उत्तर प्रदेश के अलावा कई अन्य प्रदेश के लोगों को बेची है। पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में फर्जी सामग्री बरामद की है। इसमें 217 फर्जी अंकपत्र, 42 विश्वविद्यालयों की नकली मोहर, 1000 होलोग्राम, 10 मोबाइल फोन, कंप्यूटर सेट, प्रिंटर और अन्य उपकरण शामिल हैं।

माध्यमिक शिक्षा परिषद की तैयार की थी फर्जी वेबसाइट

पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपी [www.upmsp.edu.in] और (http://www.upmsp-edu.in) एक जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट तैयार कर लोगों को भ्रमित करते थे। इसके बाद कॉल सेंटर के माध्यम से संपर्क कर हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और विश्वविद्यालयों की फर्जी मार्कशीट और डिग्री बनाने का झांसा देते थे। फर्जी वेबसाइट को लेकर माध्यमिक शिक्षा परिषद की तहरीर पर 26 सितंबर 2025 को परिषद के अपर सचिव सत्येंद्र कुमार सिंह की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इसी एफआईआर की जांच के दौरान यह गिरोह पकड़ में आया। पुलिस ने बताया कि गिरोह में अन्य लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
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खाते में पैसा लेकर कूरियर से भेजते थे मार्कशीट

प्रकरण का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि आरोपी विभिन्न विश्वविद्यालयों की नकली मोहर, होलोग्राम और दस्तावेज तैयार कर 4 से 5 हजार रुपये प्रति प्रमाणपत्र वसूलते थे। इसके लिए वह छात्र ओर उनके अविभावकों से खाते में पैसा लेकर तैयार दस्तावेज को कूरियर से उनके पते पर भेज देते थे। पुलिस के मुताबिक, गिरोह अब तक करीब 7000 फर्जी अंकपत्र तैयार कर बाजार में खपा चुका है। आरोपी अधिकतर यूपी बोर्ड के साथ ही छत्रपति साहू जी महराज यूनिवर्सिटी कानपुर, शोभित युनिवर्सिटी, और अन्नामलाई युनिवर्सिटी तेलंगाना की की फर्जी मार्कशीट और डिग्री तैयार करते थे। 
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