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दारागंज में डेंगू से दो की मौत, कई पीड़ित अस्पताल में भर्ती

Sat, 28 Oct 2017 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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dengue
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दारागंज के बख्शी खुर्द मोहल्ले में डेंगू का प्रकोप है। एक मासूम समेत दो लोगों की मौत हो चुकी है। कई पीड़ितों को गंभीर हालत में निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। गंदगी और मच्छरों की भरमार से परेशान लोगों के साथ स्थानीय नेताओं ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर डीएम को ज्ञापन दिया। लोगों की मांग है कि डेंगू पीड़ितों के इलाज की व्यवस्था कराई जाए। साथ ही क्षेत्र में सफाई और कीटनाशक का छिड़काव कराया जाए। सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर पीड़ितों का हाल लिया।
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बख्शी खुर्द इलाके में गंदगी के कारण मच्छरों की भरमार है। नालियां चोक हैं और दिन में भी लोगों को मच्छर चैन से बैठने नहीं दे रहे हैं। कई लोग वायरल फीवर से परेशान हैं। इनमें कई को रक्त परीक्षण के बाद डेंगू से पीड़ित होने की पुष्टि निजी अस्पतालों में की गई। इन्हीं डेंगू पीड़ितों में शशि यादव पत्नी रविभूषण यादव और 12 वर्षीय प्रियांशु चौधरी पुत्र प्रदीप चौधरी की क्रमश: 24 और 26 अक्तूबर को मौत हो गई। प्रियांशु को गंभीर हालत में एसजीपीजीआई लखनऊ ले जाया जा रहा था, रास्ते में उसका दम टूट गया। यशलोक हॉस्पिटल में भर्ती उसकी मां प्रीति चौधरी भी डेंगू से पीड़ित हैं। इसी तरह आलोक सचान की पुत्री स्वाति सचान समेत कई पीड़ितों को निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

प्रियांशु समेत महिला की मौत से नाराज निवर्तमान पार्षद शिवसेवक सिंह, रमेश यादव, उमेश चंद्र यादव, शिवा त्रिपाठी, अनुराधा, सुबोध, जितेंद्र, महेंद्र समेत बड़ी संख्या में जुटे लोगों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर डीएम को ज्ञापन दिया। जिसमें नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से सफाई के साथ कीटनाशक छिड़काव और फॉगिंग कराने की मांग की गई। नाराज लोगों ने चेतावनी दी है कि सफाई आदि मांगें नहीं मानी गईं तो धरना प्रदर्शन करना मजबूरी होगी।
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डीएम के निर्देश पर सीएमओ ने जिला संक्रामक रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ. एएन मिश्रा को टीम के साथ मौके पर भेजा। वहां डॉक्टरों ने पीड़ित परिवारों से हाल लिया। जिला मलेरिया अधिकारी को एंटी लार्वा छिड़काव कराने को कहा गया है। डॉ. मिश्रा ने बताया कि जिन लोगों की डेंगू से मौत होने की बात कही जा रही उनका एलाइजा टेस्ट मेडिकल कॉलेज में नहीं कराया गया। पीड़ित मरीजों को डेंगू सस्पेक्टेड मानते हुए जांच और उपचार की व्यवस्था की जा रही है।
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