माघ मेला का पहला स्नानपर्व में दो दिन शेष हैं। आस्था की नगरी बसाने श्रद्धालुओं का रेला संगम क्षेत्र की ओर चल पड़ा है। माघ मास पर्यंत संगम की रेती पर रहकर स्नान, दान, अनुष्ठान व संतों के सानिध्य में रहकर आध्यात्मिक उन्नति, पुण्य के लिए लाखों लोग मेला क्षेत्र पहुंच रहे हैं। पौष पूर्णिमा का स्नानकर कल्पवास का संकल्प लेने के लिए तीर्थपुरोहितों के स्थान पर दिन पर लोगों का तांता लगा रहा। बिजली पेयजल, शौचालय आदि बुनियादी सुविधाओं के न होने से मेला क्षेत्र में रह रहे हजारों लोगों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के कारण शिविर निर्माण की रफ्तार धीमी हो गई है। बरसात से उखड़े गेट दोबारा लगाए जा रहे हैं। हालांकि प्रशासनिक तैयारियां अभी भी आधी अधूरी हैं पर दावा है कि पहले स्नान पर्व पर तैयारी पूरी हो जाएगी।
बृहस्पतिवार को दिन भर हुई बारिश ने तीर्थ यात्रियों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। जहां अभी तक पंडाल न बन पाने के चलते खुले में लोगों को भीगना पड़ा वहीं सारा सामान पुआल, राशन, लकड़ी, बिस्तर, कपड़े सब पानी पानी हो गए। जिनके पंडाल बन गए थे वहां पर पानी भरने से सब सामान भीग गया। लाल सड़क स्थित गंगासेवाअभियानम के शिविर प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया उनके टेंट में पानी भर गया है। अभी बिजली पानी, शौचालय आदि की सुविधा नहीं है। बारिश के कारण शिविर निर्माण का कार्य पिछड़ गया है।
माघ मेला में मास पर्यन्त रहकर पूजा अर्चना एवं प्रवचन का लाभ लेने के लिए साइत सगुन विचरवा कर कल्पवासियों का जत्था गंगा तट की ओर चल पड़ा है। शुक्रवार को प्रदोष होने से ट्रैक्टर ट्रालियों में सामान लादकर आने वालों के प्रवेश से पांटून पुलों में सारा दिन आवाजाही बनी रही। अव्यवस्थाओं के बीच तीर्थपुरोहित अपने यजमानों का स्वागत करते रहे। प्रयागवाल सभा के अजय कुमार पांडेय ने कहा कि तीर्थपुरोहित अपने यजमानों का कल्पवास विधिविधान से कराएंगे पर प्रशासन की लापरवाही आहत कर रही है। उन्होंने कहा कि तीर्थपुरोहितों ने टेंट लगवा लिए हैं। अधिकतर यजमान शनिवार तक आ जाएंगे।
शंकराचार्य, दंडीबाड़ा, आचार्यबाड़ा, खाक चौक आदि के शिविर की पूजा होने के बाद ही प्रमुख संतों का प्रवेश होगा। शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती, रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम, काशी सुमेरूपीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती, स्वामी महेशाश्रम, स्वामी विमलदेव आश्रम, सतुआबाबा संतोषदास आदि के शिविर का पूजन रविवार को होगा। शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती के सचिव आचार्य छोटे लाल मिश्रा के अनुसार शंकराचार्य वासुदेवानंद अपने त्रिवेणी रोड स्थित शिविर में पौष पूर्णिमा सोमवार को प्रवेश करेंगे। माघ प्रतिपदा मंगलवार से श्रीमद्भागवत, रासलीला, रामलीला आदि की प्रस्तुति आरंभ हो जाएगी।