रिश्तेदारी से घर लौट रहे बाइक सवार दो चचेरे भाइयों की हंडिया-जंघई मार्ग पर बस की चपेट में आने से मौत हो गई। वे दोनों अपनी बहन की सास के निधन पर शोक जताने के बाद लौट रहे थे तभी यह अनहोनी हो गई। दुर्घटना के बाद निजी बस तो पकड़ी गई लेकिन चालक उतरकर भाग गया। हंडिया क्षेत्र के सिधवार गांव निवासी सत्यदेव शुक्ला(52) तथा ब्रह्मदेव शुक्ला(47) सगे चचेरे भाई थे। सत्यदेव की एक बहन का ब्याह जंघई के पास असवां गांव में हुआ है। बहन की सास के निधन की खबर मिलने पर शनिवार सुबह वह अपने चचेरे भाई ब्रहमदेव के साथ असवां गांव गए थे।
दोपहर में वे दोनों बाइक पर घर लौट रहे थे। बाइक ब्रहमदेव चला रहे थे। वे लगभग दो बजे हंडिया-जंघई मार्ग पर रिखीपुर गांव के पास पहुंचे तभी तभी सामने से आ रही सवारियों से भरी निजी बस ने जोरदार टक्कर मार दी। बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। दोनों चचेरे भाई दूर जा गिरे। राहगीर और आसपास के लोग जुटे और थाने में खबर दी। हंडिया पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, मगर तब तक सिर और सीने पर गंभीर चोटों की वजह से दोनों भाइयों की सांस थम चुकी थी। इस बीच परिवार के लोग भी वहां आ गए।
पुलिस ने शवों को सीलकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। हादसे के बाद निजी बस रोककर ड्रइवर पैदल भाग गया था। पुलिस ने बस सीज कर दी। मृतकों में एक भाई सत्यदेव ने बरौत कस्बे में पान की दुकान खोल रखी थी। उसका एक बेटा 24 वर्षीय अंकित और तीन बेटियां प्रिया, श्रेया और रिया हैं। पत्नी सुमन तो रोते हुए बेसुध हो गईं। इसी तरह, ब्रहमदेव के दो बेटे अभिनीत और लकी है। उनकी पत्नी गीता भी रोते-रोते मूर्छित गई। वह शहर के अल्लापुर में डेयरी चलाते थे।