सरकारी बाधाओं से परेशान उद्यमियों ने की सिंगल विंडो सिस्टम की मांग
सरकारी तंत्र की लेटलतीफी से परेशान उद्यमियों ने यूपीसीडा के महाप्रबंधक एके अरोड़ा से इससे राहत दिलाने की मांग की। उन्होंने इसके लिए सिंगल विंडो सिस्टम को लागू करने की बात कही। ताकि, जटिल प्रक्रियाओं से बचा जा सके। लखनऊ में होने वाले इन्वेस्टर्स समिट से पहले महाप्रबंधक ने शुक्रवार को उद्यमियों संग बैठक कर निवेश की बाबत सुझाव मांगे। साथ ही उनकी समस्याएं सुनीं।
राजीव नैय्यर समेत अन्य उद्यमियों ने सरस्वती हाईटेक सिटी की जमीन की कीमत अधिक होने की बात कही। उनका कहना था कि इस जमीन की कीमत कम करनी होगी। उन्होंने सरस्वती हाईटेक सिटी में ट्रायल के तौर पर कम समय के लिए लीज पर जमीन दिए जाने की भी मांग की। ताकि, नए उद्यमी आगे आ सकें। आशीष केसरवानी तथा अन्य उद्यमियों का कहना था कि औद्योगिक क्षेत्र में भी कारखाना लगाने से पहले फायर, प्रदूषण नियंत्रण समेत कई विभागों से एनओसी लेनी होती। इसमें कारखाना लगाने में देरी के साथ उद्यमियों को शोषण का भी शिकार होना पड़ता है।
सतपाल गुलाटी तथा अन्य उद्यमियों ने इस समस्या के निदान के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने की मांग की। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र में कारखाना लगाने से पहले प्रदूषण नियंत्रण विभाग से एनओसी लिए जाने के औचित्य पर सवाल उठाया। यूपीसीडा के अफसरों का कहना था कि निवेश मित्र पोर्टल है, जो सिंगल विंडो की तरह काम करता है। हालांकि, उद्यमी बेहतर व्यवस्था की मांग कर रहे थे। उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्र में मेंटेनेंस, बिजली आपूर्ति की व्यवस्था समेत अन्य मुद्दे भी उठाए। महाप्रबंधक एके अरोड़ा का कहना था कि बैठक में आए सुझावों की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसे शासन में रखा जाएगा। बैठक में संजय के.जैन, विक्रम टंडन, क्षेत्रीय प्रबंधक प्रदीप सत्यार्थी, ओम प्रकाश मिश्रा समेत अनेक लोग मौजूद रहे।