दीवार ढहते ही बगल में खेल रहे बच्चों ने शोर मचाया तो आसपास के दौड़े। ग्रामीणों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद मलबे में दबे दोनों मासूम बच्चों के शवों को बाहर निकाला और पास स्थित एक निजी अस्पताल ले गए, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना को लेकर इलाके में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते हजारों की भीड़ जमा हो गई। हादसे की खबर मिलते ही जिलाधिकारी संजय खत्री के साथ ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शैलेश पांडेय, एसपी गंगापार अभिषेक अग्रवाल के अलावा उपजिलाधिकारी हंडिया रमेश कुमार मौर्य कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। जिलाधिकारी ने मासूमों के परिजनों को सांत्वना देते हुए चार-चार लाख रुपये आर्थिक मदद देने की बात कही।
ननिहाल आई थी मासूम श्रेया
जर्जर दीवार ढहने से मलबे में दबकर मृतक मासूम बच्ची श्रेया शर्मा (5) पुत्री अभयराज उतरांव थाना क्षेत्र के परवेजाबाद गांव की रहने वाली है। वह अपनी मां मधू शर्मा एवं भाई-बहनों के साथ पांच माह पहले छतौना गांव स्थित अपने नाना हरिशंकर शर्मा के घर आई हुई थी। मधू शर्मा के दो बेटियां एवं एक बेटा है। श्रेया सबसे छोटी थी। बताते हैं कि कुछ ही दिन में वह परवेेजाबाद जाने वाली थी, लेकिन किसी को क्या मालूम था कि वह हादसे की शिकार हो जाएगी।
... और बच गई बड़े बेटे आयुष की जान
फूलपुर। कच्चे मकान की दीवार ढहने से दो मासूमों की हुई मौत के पहले मंगला प्रसाद शर्मा के मृतक बेटे अमित शर्मा (6) और बड़े बेटे आयुष (8) तथा मृतक श्रेया तीनों खेल रहे थे। संयोग ही था कि चंद मिनट पहले ही आयुष उनके पास से उठकर अभी दस कदम भी नहीं पहुंचा था कि अचानक दीवार भर-भराकर ढह गई । अमित और श्रेया मलबे में दब गए जबकि आयुष की जान बच गई। लोग इसे ईश्वर का शुक्र ही मान रहे हैं।
मृतक मासूम श्रेया व अमित के परिजनों को मिलेंगे चार चार लाख
फूलपुर। सरायममरेज के छतौना गांव में हुए दर्दनाक हादसे के बाद मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी संजय खत्री ने मृतक दोनों मासूमों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक मदद दिए जाने का आश्वासन देते हुए एसडीएम हंडिया को निर्देशित किया और कहा कि पुलिस प्रशासन हादसे का शिकार हुए बच्चों के परिजनों के साथ हैं, उन्होंने परिवार के लोगों को ढांढस भी बधाया।