संगम नगरी से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की दूरी अब चंद घंटों में सिमटने वाली है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रयागराज रीजन ने गंगा एक्सप्रेसवे के जरिये मेरठ जाने वाले यात्रियों को बड़ी सौगात देने की तैयारी की है। मेरठ के लिए दो विशेष बसों का संचालन किया जाएगा। इसके साथ ही प्रतापगढ़ और लालगंज से भी एक-एक बस इस रूट पर उतारी जाएगी।
एक्सप्रेसवे पर बसों की अधिकतम रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। यह सफर करीब सात से आठ घंटे में पूरा हो जाएगा। सफर के दौरान 30-30 मिनट के दो ठहराव (ब्रेक) सुनिश्चित किए गए हैं। गंगा एक्सप्रेसवे पर बसें चलाने के लिए प्रयागराज रीजन की ओर से रोडवेज मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है। परिवहन विभाग प्रयागराज से एक बस सुबह के समय और दूसरी बस रात्रि सेवा के रूप में संचालित करेगा। एक्सप्रेसवे पर टोल की राशि अधिक होने की वजह से बसों का किराया भी थोड़ा अधिक हो सकता है।
दिल्ली के लिए भी बस चलाने की तैयार हो रही है रूपरेखा
मेरठ के साथ-साथ रोडवेज प्रशासन दिल्ली के लिए भी एक्सप्रेसवे के जरिए बसें चलाने की रूपरेखा तैयार कर रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे पर बस सेवा शुरू होने से न केवल व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी, बल्कि आम जनता के लिए भी राजधानी और पश्चिमी यूपी के शहरों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। परिवहन विभाग के सूत्रों का कहना है कि रूट सर्वे और बसों के चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही इन बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा।
प्रयागराज के विद्यावाहिनी मैदान से दो बसें एवं प्रतापगढ़ और लालगंज से एक-एक बस मेरठ के लिए चलाने का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही बसों का संचालन शुरू हो जाएगा।
- रविंद्र कुमार सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक, यूपी रोडवेज।