महाराष्ट्र के ठाणे में शिवसेना (यूबीटी) नेता व पूर्व विभाग प्रमुख प्रदीप पूर्णेकर की गोली मारकर हत्या के मामले में वांछित दो शूटरों को अरैल सेल्फी पॉइंट के पास से गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई प्रयागराज एसटीएफ और मुंबई क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम की ओर से की गई। गिरफ्तार आरोपियों को प्रयागराज के नैनी थाने में दाखिल कराया गया है, जहां से महाराष्ट्र पुलिस ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी की है।
पुलिस के अनुसार वारदात के बाद वाराणसी के चोलापुर क्षेत्र निवासी आरोपी संतोष कनौजिया और अमित सिंह महाराष्ट्र से भागकर प्रयागराज आ गए थे।
एसीपी शैलेश प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण और प्रभारी जय प्रकाश राय के नेतृत्व में उपनिरीक्षक विनय तिवारी, मो. हबीब अहमद सिद्दीकी, मुख्य आरक्षी पंकज तिवारी और आरक्षी चालक अखंड प्रताप पांडेय टीम ने मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम के साथ शुक्रवार रात करीब 7:30 बजे दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 29 सितंबर को ठाणे के चितलसर-मानपाड़ा क्षेत्र में चुनावी रंजिश के कारण वारदात को अंजाम दिया गया था। आरोपियों ने प्रदीप पूर्णेकर को तमंचे से गोली मारने के साथ चापड़ से गर्दन पर वार किया, जिससे उनकी मौत हो गई। इस मामले में कापुरबावड़ी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
एसटीएफ के मुताबिक, सीसीटीवी कैमरे और अन्य साक्ष्य के आधार पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। सीसीटीवी फुटेज में सामने आया कि हेलमेट पहने अमित सिंह है। संतोष कन्नौजिया और पूर्व में गिरफ्तार सुभाष उर्फ पप्प्या शिंदे ने प्रदीप पूर्णेकर की हत्या की साजिश रची थी। असलहे, गाड़ी की व्यवस्था संतोष ने ही की थी। भाड़े पर शूटरों को तैयार किया था। यह वारदात ठाणे के चितणसर मानपाणा क्षेत्र में हुई थी। ठाणे के कापुरबाउड़ी थाने में मामला दर्ज किया गया था।
देश छोड़ने की आशंका पर जारी था एलओसी
एसटीएफ के मुताबिक, संतोष कनौजिया के खिलाफ पहले ही लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया गया था। पुलिस को आशंका थी कि वह देश छोड़कर भाग सकता है या किसी दूसरे राज्य में ठिकाना बना सकता है। जांच में पता चला कि आरोपी अमित सिंह रिक्शा चालक है और ठाणे जिले के मीरा-भायंदर इलाके में रहता है, जबकि संतोष ठाणे के मनपाड़ा क्षेत्र का निवासी है।