एसडीएम मेजा को भी किया था फोन
दो दिन पूर्व एसडीएम मेजा विनोद कुमार को फोन आया और उनके मोबाइल पर कमिशभनर प्रयागराज का नंबर शो हो रहा था। सामने वाले ने खुद को कमिशभनर बताया भी और रामनगर गांव में एक नाली खड़ंजे के मामले की सिफारिश की। जिसके बाद एसडीएम मौके पर भी पहुंच गए। इसी तरह से आरोपियों ने कुछ दिन पहले सीओ मेजा को पुलिस विभाग के बड़े अधिकारी का नंबर हैक करके फोन कर एक मामले की सिफारिश की थी। कुछ महीने पहले इनके द्वारा बिजली विभाग के एमडी का नंबर हैक करके एक्सईएन मेजा को भी फोन कर एक लिपिक के स्थानांतरण का काम बताया गया था।
इंडीकाल एप से अधिकारियों का नंबर करते थे हैक
जांच पड़ताल के बाद इंचार्ज थाना प्रभारी रामभवन ने बताया कि इन दोनों युवकों ने यूट्यूब के जरिए इंडीकाल ऐप की जानकारी ली थी, और इसी के जरिए नंबर हैक करना भी सीखा था। इंडीकाल एप से ही इन्होने अधिकारियों का नंबर हैक किया, और उसका गलत उपयोग किया।
यूपी क्रिकेट अकेडमी अंडर 16 में कराया था अपना चयन
अधिकारियों का नंबर हैक कर उसका उपयोग करने के मामले में आरोपी अंकित शुक्ला कक्षा नौ वीं का छात्र है। इसी सीयूजी हैकिंग कारनामें से अपना चयन उत्तर प्रदेश क्रिकेट अकेडमी की अंडर 16 में भी चयन कराया था, और 23 अगस्त को इसकी ज्वाइनिंग थी, लेकिन उसके पहले ही इसके कारनामों को पर्दाफाश हो गया।
कैलिफोर्निया से भी मंगाई गई रिपोर्ट
पुलिस ने मामले को लेकर जब आरोपियों को हिरासत में लिया तो इनके पास से साक्ष्य नहीं मिल रहे थे। इंडीकाल ऐप का आईपी एड्रेस भी ट्रेस नहीं किया जा सकता। जिसकी जांच के लिए सइबर सेल को गूगल कंपनी की मदद लेनी पड़ी, और इनके फोन में पड़े जीमेल को गूगल की कैलिफोर्निया में स्थित हेड आफिस में भेजा गया। जहां से इनके काले कारनामें की पूरी रिपोर्ट इकट्ठा की गई।
सबसे ज्यादा हनक बिजली विभाग में
अधिकारियों के फोन हैक करने वाले शातिर युवकों की मेजारोड के बिजली विभाग अािफस में काफी हनक थी। श्यामेंद्र उपाध्याय बिजली विभाग में ठेकेदारी भी करता था, और उसके द्वारा विभाग के बड़े अधिकारियों का नंबर हैक करके स्थानीय अधिकारियों से लाखों रूपए का काम भी ऐंठा गया है।