इलाहाबाद (ब्यूरो)। बिजली की किल्लत झेल रहे शहरियों को वर्ष-2016 से चौबीस घंटे बिजली मिलेगी। वहीं, देहात में 18 घंटे आपूर्ति की जाएगी। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम ने इलाहाबाद में इस योजना को साकार करने के लिए 172 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है। निगम की प्रबंध निदेशक डॉ. काजल ने बृहस्पतिवार को पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि जिन बिजली उपकेंद्रों से 85 प्रतिशत की राजस्व वसूली होगी, उनको रोस्टिंग मुक्त किया जाएगा। साथ ही जिन उपकेंद्रों पर विद्युत बकाया 70 फीसदी से अधिक होगा उनको ट्रांसफार्मरों की आपूर्ति नहीं की जाएगी।
एकमुश्त समाधान योजना की बाबत जानकारी देते हुए बताया कि इसके तहत जिले में 37 करोड़ राजस्व वसूली का लक्ष्य है। इलाहाबाद में सुचारु बिजली आपूर्ति के लिए शहर में पांच नए उपकेंद्रों की स्थापना की जाएगी, जिसके लिए जमीन की तलाश जारी है। इस बारे में डीएम से वार्ता हो चुकी है। अगर सरकारी जमीन मिलने में दिक्कत आई तो कामर्शियल दर पर जमीन खरीदी जाएगी। डेढ़ माह के भीतर इसकी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। डॉ. काजल ने इस बात पर हैरानी जताई कि जिले में नौ लाख 83 हजार मकानाें में से महज तीन लाख मकानों में बिजली कनेक्शन हैं। विभागीय स्तर पर विशेष अभियान चलाकर ऐसे लोगों को चिह्नित किया जाएगा, जो अनाधिकृत रूप से बिजली का इस्तेमाल कर रहे हैं। उनको कनेक्शन देने के साथ ही बिजली बिल जमा कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस दौरान मुख्य अभियंता वितरण एके सिंह, अधीक्षण अभियंता अश्वनी कुमार, डीके दोहरे समेत तमाम विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।