इलाहाबाद। गंगा जल लाल होने और मछलियों के मरने की खबर से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। इस बाबत खबर सामने आने के बाद मामले में शासन ने संज्ञान ले लिया है। बृहस्पतिवार को डीएम भवनाथ सिंह ने भी संगम क्षेत्र का दौरा किया और शासन को वहां की वास्तुस्थिति से अवगत कराया। डीएम के आदेश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गंगा और यमुना के जल के नमूने भी लिए हैं। डीएम ने आदेश दिया है कि गंगा में गिरने वाले नालों और एसटीपी से शोधित होकर गंगा में जाने वाले पानी की प्रतिदिन जांच कराई जाए। जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले की विस्तृत रिपोर्ट भी शासन को भेजी जाएगी।
संगम क्षेत्र में बुधवार को गंगा जल का रंग अचानक लाल हो गया। ऐसे में तमाम श्रद्धालु बिना स्नान किए लौट गए। वहां मरी हुई मछलियां भी पाई गईं। पिछले दिनों भी यमुना किनारे मरी हुई मछलियां और साइबेरियन पक्षी मिले थे। मामला खुलने के बाद बृहस्पतिवार को डीएम मौके पर पहुंचे और वहां की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान डीएम के साथ गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसर भी थे। संगम पर तेज बहाव के कारण वहां गंगा जल का रंग फिर परिवर्तित नजर आया। रंग लाल के बजाए काला था। हालांकि निरीक्षण के दौरान अफसरों को गंगा-यमुना के तट पर मरी हई मछलियां नहीं मिलीं। डीएम ने श्रद्धालुओं, साधु-संतों और नाविकों से भी बातचीत की। कुछ लोगों ने बताया कि आगे पानी का बहाव जहां कम है, वहां गंगा जल का रंग अब भी लाल बना हुआ है। फिलहाल डीएम ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों को निर्देश दिया कि शहर के जिन आधा दर्जन नालों का पानी शोधित होने के बाद गंगा-यमुना में जिस स्थान पर गिर रहा है, वहां से प्रतिदिन पानी का नमूना लेकर उसकी जांच जाए। डीएम के निर्देश पर संगम से भी गंगा जल का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया। डीएम भवनाथ सिंह का कहना है कि फिलहाल उन्होंने अब तक कहीं भी गंगाजल का रंग लाल नहीं देखा और न ही उन्हें मरी हुई मछलियां दिखाई दीं। संगम पर गंगा जल आचमन और स्नान योग्य है। गंगा जल की जांच भी नियमित रूप से कराई जा रही है। इस बारे में शासन को अवगत करा दिया गया है। गंगा जल की जांच रिपोर्ट आने के बाद एक और रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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समाजसेवी ने सौंपी मरी हुई मछलियां
0 गंगा किनारे मछलियों एवं साइबेरियन पक्षियों के मरने और गंगा जल का रंग लाल हो जाने के मुद्दे को प्रशासन और शासन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाने वाले समाजसेवी कमलेश सिंह का कहना है कि उन्होंने दो गैलन गंगा जल और कुछ मरी हुई मछलियां बृहस्पतिवार को डीएम को सौंपी है। उन्होंने डीएम से मांग की है कि मछलियों का पोस्टमार्टम कराया जाए और इसकी रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए।