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तीन तलाक पर ट्वीट कर घिरे कैफ

Thu, 24 Aug 2017 02:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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मोहम्मद कैफ - फोटो : The indian express
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क्रिकेटर मोहम्मद कैफ तीन तलाक पर रोक लगाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करने पर घिर गए। उन्होंने फैसले को मुस्लिम महिलाओं के लिए बेहतर बताते हुए ट्वीट किया तो ट्रोलिंग का शिकार हो गए। उनके ट्वीट की आलोचना करते हुए ढेरों ट्वीट किए गए। उन्हें नसीहत दी गई कि वह पहले कुरान पढ़ें फिर इस बारे में कुछ बोलें। हालांकि पहले भी बेबाक राय के लिए ट्वीट पर घिर चुके कैफ के तीन तलाक पर बयान का बहुत से लोगों ने समर्थन भी किया है।
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इलाहाबाद के रहने वाले क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने ट्वीट के जरिए कहा- ‘ एक साथ तीन तलाक को असंवैधानिक करार देने से जुड़ा सुप्रीम कोर्ट का फैसला स्वागत योग्य है। इससे मुस्लिम महिलाओं को सुरक्षा मिलेगी। महिला-पुरुष समानता के लिए न्याय की खासी जरूरत थी।’ कैफ का यह ट्वीट वायरल हो गया। चार हजार से ज्यादा ट्वीट हुए और करीब 11 हजार लोगों ने उनके ट्वीट को लाइक भी किया। मगर कैफ को खासी आलोचना भी झेलनी पड़ी। वह ट्वीटर पर ट्रोलिंग का शिकार हो गए। एक ट्वीट में उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने कुरान पढ़ी है। अगर पढ़ते तो समझ सकते कि जेंडर जस्टिस और महिला सुरक्षा क्या है।

इस तरह अब्दुल हमीद ने ट्वीट किया कि यह फैसला मुस्लिम महिलाओं के लिए बुरा है क्योंकि वह इस्लामिक कानून पर अमल करती हैं। इखलाक अंसारी ने ट्वीट किया-कैफ भाई, कुरान और हदीस पढ़ लिया करो फिर ट्वीट करो। दूसरों को इम्प्रेस करने के लिए ट्वीट करके इंडियन टीम का कप्तान नहीं बन जाओगे, ओके।
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हालांकि कैफ के बयान के समर्थन में भी बहुत से ट्वीट हुए। मीरान शेख ने ट्वीट किया कि इस फैसले का इंतजार था। इसे हिंद-मुस्लिम का मामला नहीं बनाना चाहिए बल्कि यह महिलाओं के सशक्तिकरण और समानता से जुड़ा है। जिग्नेश ने भी कहा कि कुरान में एक भी आयत ऐसी नहीं है, जिसमें तीन तलाक को अच्छा कहा गया हो। उल्लेखनीय है कि कैफ पहले भी मुस्लिम समाज से जुड़े मसलों पर बेबाक ट्वीट के लिए आलोचना झेल चुके हैं। इलाहाबाद में उनके प्रारंभिक क्रिकेट कोच रहे देवेश मिश्रा ने इस बारे में कहा कि कैफ आलोचना से घबराते नहीं हैं। उन्होंने सही बात कही है तो उसका समर्थन किया जाना चाहिए न कि बेवजह विरोध।
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