उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल ने यात्रियों की सुरक्षा और टिकट चेकिंग में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक अनोखी शुरुआत की है। अब ट्रेनों में टिकट जांच करने वाले कर्मचारी (टीटीई) ड्यूटी के दौरान अपनी वर्दी पर बॉडी वॉर्न कैमरा पहनकर चलेंगे।
उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल ने यात्रियों की सुरक्षा और टिकट चेकिंग में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक अनोखी शुरुआत की है। अब ट्रेनों में टिकट जांच करने वाले कर्मचारी (टीटीई) ड्यूटी के दौरान अपनी वर्दी पर बॉडी वॉर्न कैमरा पहनकर चलेंगे। शुक्रवार की रात प्रयागराज एक्सप्रेस और श्रमशक्ति एक्सप्रेस से इस विशेष पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ कर दिया गया।
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इन अत्याधुनिक कैमरों में एचडी वीडियो, ऑडियो रिकॉर्डिंग के साथ-साथ नाइट विजन की सुविधा है। इससे रात के अंधेरे में भी गतिविधियां स्पष्ट रिकॉर्ड हो सकेंगी। यह पूरी प्रणाली टैंपर-प्रूफ है, यानी इसके डेटा या फुटेज के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की जा सकती। अक्सर सफर के दौरान यात्रियों और चेकिंग स्टाफ के बीच होने वाले विवादों और दुर्व्यवहार की शिकायतों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में कैमरे की फुटेज एक निष्पक्ष डिजिटल साक्ष्य के रूप में काम करेगी, जिससे फर्जी शिकायतों पर लगाम लगेगी। प्रयागराज मंडल के पीआरओ अमित कुमार सिंह के मुताबिक, इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद आने वाले समय में मंडल की अन्य ट्रेनों में भी इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। कहा कि अभी 30 बॉडी वाॅर्न कैमरे खरीदे गए हैं। बता दें पिछले वर्ष लगे महाकुंभ के दौरान भी प्रयोग के तौर पर इन कैमरों का प्रयोग किया गया था।