इलाहाबाद। ज्योतिष एवं द्वारका शारदापीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का कहना है कि ताजमहल के नीचे महादेव का मंदिर होने की बात कहने का उद्देश्य किसी विवाद को जन्म देना नहीं बल्कि सत्य उद्घाटित करना है। ऐतिहासिक और पुरातात्विक तथ्य साबित करते हैं कि ताजमहल के नीचे एक हिन्दू मंदिर है जिसमें अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान हैं।
बृहस्पतिवार को जबलपुर रवानगी से पहले ‘अमर उजाला’ से खास मुलाकात में शंकराचार्य ने कहा, मैंने तो ताजमहल के नीचे मंदिर होने की हकीकत बताई है। अदालत के माध्यम से भी यह सच्चाई सबके सामने उजागर होगी। देश के सभी नागरिकों को बिना किसी भेदभाव इसे आक्रांताओं की हकीकत को स्वीकार करते हुए आपसी सद्भाव के साथ सच का साथ देते हुए देश की तरक्की में योगदान देना चाहिए। जब देश में सभी को समान मताधिकार है तो किसी धर्म समुदाय को विशेष अधिकार उचित नहीं है। गौ रक्षा के लिए मुसलमान भी आगे आएं, गौ सेवा करें। बेटियों के सवाल पर शंकराचार्य ने कहा, महिलाओं पर होने वाले अत्याचार के मूल में नशाखोरी है, केंद्र सरकार को देश में पूर्ण नशाबंदी लागू करनी चाहिए। हिंगलाज सेना के माध्यम से पूरे देश में नशे के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
नासिक कुंभ के लिए अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि का निमंत्रण स्वीकार करते हुए शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने वहां जाने के लिए हामी भर दी है। इसके लिए उन्होंने शिष्यों को तैयारियों के लिए भी निर्देश दिया।
शंकराचार्य स्वरूपानंद जी के मुंबई हावड़ा मेल से जबलपुर रवाना होने से पहले मनकामेश्वर मंदिर के व्यवस्थापक स्वामी श्रीधरानंद ब्रह्मचारी की अगुवाई में शिष्यों, भक्तों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आरती पूजन किया। शंकराचार्य के साथ उनके निजी सचिव व चारधाम यात्रा समिति के उपाध्यक्ष स्वामी सुबुद्धानंद ब्रह्मचारी, प्रवक्ता स्वामी रामानंद ब्रह्मचारी, स्वामी ध्यानानंद ब्रह्मचारी, स्वामी ब्रह्मविद्यानंद ब्रह्मचारी, अरविंद मिश्रा भी रवाना हुए।