विकासखंड क्षेत्र के पटना उपरहार, मिजहांपुर, पियरी, गढ़वा में बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। पिछले 15 दिनों में 40 से अधिक लोग इनके शिकार हो चुके हैं। ग्रामीण अपनी फरियाद लेकर दर-दर भटक रहे हैं लेकिन न विभागीय अधिकारी सुन रहे हैं और न ही जनप्रतिनिधि। हालात ये है कि लोग अब आंदोलन कर समस्या के समाधान की मांग करने की तैयारी में हैं।
हंडिया-कोखराज हाईवे से जुड़े आधा दर्जन गांवों में बंदरों का आतंक है। शुक्रवार को पटना उपरहार के ग्राम प्रधान ने निजी संसाधनों से खर्च कर एक बंदर को पकड़वाया था। शनिवार को बंदरों के झुंड ने फिर हमला कर दिया। जिसमें पटना उपरहार निवासी सत्य कुमार श्रीवास्तव गंभीर रूप से जख्मी हो गए। उनके सिर में चोट आई।
ग्रामीणों का कहना है कि वह अपनी फरियाद लेकर पुलिस अधिकारियों, बीडीओ और वन विभाग के साथ जनप्रतिनिधियों के यहां तक गए। लेकिन, किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली। पुलिस ने पल्ला झाड़ लिया, बीडीओ ने साफ कहा कि ब्लॉक में बंदर पकड़ने के संसाधन नहीं हैं। वहीं, वन विभाग ने भी हाथ खड़े कर दिए। ऐसे में ग्रामीणों ने आंदोलन की योजना बनाई है। उनका कहना है कि आंदोलन से ही समाधान निकल सकता है।
वर्जन
- हर दिन बंदरों के हमले से लोग घायल हो रहे हैं। बंदरों के झुंड ने लोगों को परेशान कर रखा है। जिम्मेदारों को बंदर पकड़ने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। - नीरज पांडेय निवासी मिर्जहांपुर।
- बंदरों के डर से घर की महिलाएं और बुजुर्ग बाहर निकलने से कतराने लगे हैं। हमारी समस्या कोई सुन नहीं रहा है। आंदोलन ही समाधान का आखिरी रास्ता नजर आ रहा है। - लक्ष्मीनारायण मिश्र निवासी गढ़वा।
- बंदरों के हमले रोज बढ़ते जा रहे हैं। थाना अध्यक्ष, डिप्टी रेंजर नवाबगंज से बात करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। गांव के लोग सहमे हुए हैं। - संतोष मिश्र निवासी पटना उपरहार।
- बंदरों के हमले से कई लोग घायल हो रहे हैं। आठ हजार खर्च कर शुक्रवार को एक बंदर को पकड़वाया गया। लेकिन, दूसरे दिन बंदरों के झुंड ने एक व्यक्ति को घायल कर दिया। - हरिशंकर द्विवेदी निवासी पटना उपरहार।